वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर में स्थित वजूखाने का एएसआई सर्वे की मांग मामले में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. इस मामले पर आज दोपहर 2:00 बजे जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच में सुनवाई होगी. ये सिविल पुनरीक्षण याचिका ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी केस में हिंदू पक्षकार राखी सिंह की ओर से दाखिल की गई है.
राखी सिंह की याचिका में ज्ञानवापी परिसर के सील वजूखाने का भी परिसर के बाकी हिस्से की तरह ASI से सर्वेक्षण कराए जाने की मांग की गई है. हालांकि मुस्लिम पक्ष ने इस पर ऐतराज जताया है. मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वजूखाने के अंदर कथित शिवलिंग का दावा है. जिसकी कार्बन डेटिंग के जरिए सर्वेक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा रखी है. जबकि राखी सिंह की तरफ से दलील दी गई है कि विवादित परिसर का रिलिजियस कैरेक्टर निर्धारित करने के लिए वजूखाने का सर्वेक्षण बेहद जरूरी है.
आज हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने लार्ड आदि विश्वेश्वर की ओर से दाखिल याचिका को राखी सिंह की याचिका के साथ कनेक्ट कर दिया है. लार्ड आदि विश्वेश्वर की ओर से दाखिल याचिका में केन्द्रीय गुम्बद के नीचे खुदाई कर एएसआई से सर्वे की मांग की गई है. इससे पहले इस मामले पर 18 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश की वजह से हाईकोर्ट में सुनवाई टल गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए 17 फरवरी 2025 की तारीख नियत की थी. जिसके बाद हाईकोर्ट ने भी सुनवाई की अगली डेट 24 फरवरी 2025 तय की थी.
दरअसल ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर हिन्दू और मुस्लिम पक्ष दोनों कई ओर से अलग-अलग दावे हैं. हिन्दू पक्ष का कहना है कि मस्जिद परिसर में स्थित वजूखाने के अंदर शिवलिंग है. कार्बन डेटिंग होने से पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी. जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से इसे फव्वारा बताया जाता है. इसी को लेकर दोनों पक्षों के विवाद है.