बीती रात हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंडोह और उसके आसपास के इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों के मन में दहशत भर दी। इस भारी बारिश की वजह से नेशनल हाईवे पर स्थित लोअर 9 मील के पास जागर नाले का जलस्तर उफान पर आ गया।

नाले के तेज बहाव के साथ बड़े-बड़े पत्थर और मलबा हाईवे पर आ गए, जिसके कारण रात भर के लिए सड़क बंद हो गई। इन पत्थरों की वजह से हाईवे के नीचे बना पानी का पुलिया भी पूरी तरह से जाम हो गया। इससे पानी का बहाव मुड़कर लोअर 9 मील के आवासीय क्षेत्र की ओर चला गया, जिससे वहां रह रहे करीब 13 परिवारों पर खतरा मंडरा गया। इन सभी परिवारों ने पूरी रात खौफ के साए में गुजारी।

PunjabKesari

स्थानीय निवासियों का कहना है कि 2023 में आई आपदा के बाद से यह समस्या लगातार बनी हुई है। पिछले साल के मलबे के कारण नाले का प्राकृतिक मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे पानी बार-बार अपनी दिशा बदल रहा है और आवासीय घरों के लिए खतरा पैदा हो रहा है। स्थानीय निवासी सूरत राम ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और निर्माण कंपनी को कई बार सूचित किया है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने जिला प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है। उनकी मुख्य मांग है कि नाले में फंसे बड़े पत्थरों को जल्द से जल्द हटाया जाए, ताकि पानी का बहाव अवरुद्ध न हो और वह अपनी दिशा न बदले। इसके साथ ही, लोगों ने नाले पर बनी सड़क की पुलिया को भी पूरी तरह से साफ करने की मांग की है, ताकि पानी बिना किसी रुकावट के अपने प्राकृतिक रास्ते से बह सके और आवासीय इलाकों को सुरक्षित रखा जा सके।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के खैरीघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम तेंदुए के हमले में सात वर्षीय बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खैरीघाट थाना क्षेत्र के बाजपुरवा गांव में शाम करीब पांच बजे आफरीन (7), पुत्री तसव्वर, अपने घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों से निकले तेंदुए ने अचानक उस पर हमला कर दिया। बच्ची अस्पताल में भर्ती बच्ची की चीख सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और शोर मचाते हुए लाठी-डंडों के साथ तेंदुए की ओर बढ़े, जिसके बाद जंगली जानवर वहां से भाग गया। ग्रामीणों ने घायल बच्ची को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सीएचसी शिवपुर के चिकित्सक डॉ. विकास सिंह ने बताया कि बच्ची गंभीर हालत में अस्पताल लाई गई थी। उसकी स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज बहराइच रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। गांव में दहशत का माहौल घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। वन क्षेत्राधिकारी पीयूष गुप्ता ने बताया कि टीम द्वारा क्षेत्र में जांच की जा रही है। रात का समय होने के कारण तेंदुए के स्पष्ट पगचिह्न नहीं मिल सके हैं, लेकिन इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और आसपास के जंगल व झाड़ियों की निगरानी की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने और नियमित गश्त कराने की मांग की है। वन विभाग ने लोगों से बच्चों को अकेले बाहर न भेजने और शाम के समय विशेष सतकर्ता बरतने की अपील की है।

Verified by MonsterInsights