पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने दौड़ लगाकर बढ़ाया छात्रों का जोश


जानसठ। राजकीय पॉलिटेक्निक जटवाड़ा के खेल प्रांगण में गुरुवार को दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का अत्यंत भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। संस्थान के इतिहास में इस बार का आयोजन विशेष रहा, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने न केवल मशाल प्रज्वलित की, बल्कि स्वयं 200 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर युवाओं के भीतर ऊर्जा का नया संचार किया। समारोह का प्रारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल और संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया। इसके उपरांत संस्थान की परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया। रीतू आनन्द (इलेक्ट्रॉनिक्स), डॉ. कर्मवीर (यांत्रिक) एवं विकास चौधरी (सिविल) ने मुख्य अतिथि को बैज लगाकर और स्पोर्ट्स हैट पहनाकर सम्मानित किया। खेल अधिकारी जन्मेजय कुमार और खेल प्रभारी प्रदीप कुमार ने प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया। “खेलों से निखरता है व्यक्तित्व” – डॉ. कुलदीप उज्जवल छात्रों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा, “खेल मैदान केवल जीत-हार के लिए नहीं होते, बल्कि ये चरित्र निर्माण की पाठशाला हैं। एक खिलाड़ी कभी हारता नहीं, वह या तो जीतता है या सीखता है। अनुशासन और टीम भावना जो आप यहाँ सीखेंगे, वह आपके पेशेवर करियर में भी काम आएगी।”
संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस एक सफल इंजीनियर की पहचान है।उद्घाटन सत्र का सबसे आकर्षक हिस्सा फ्लैग मार्च रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के खिलाड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट किया और मुख्य अतिथि को सलामी दी। इसके पश्चात, पिछले वर्ष के चैंपियन खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि के साथ मिलकर ‘क्रीड़ा मशाल’ प्रज्वलित की, जो दो दिनों तक खेल भावना की लौ जलाए रखेगी। सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और निष्पक्षता की शपथ भी दिलाई गई।
स्वयं दौड़ लगाकर किया स्पर्धाओं का श्रीगणेश प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन डॉ. कुलदीप उज्जवल ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में रोमांच तब बढ़ गया जब मुख्य अतिथि ने 200 मीटर की दौड़ को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ स्वयं भी दौड़ में हिस्सा लिया। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
इस अवसर पर संस्थान के समस्त व्याख्याता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रतियोगिता के समापन पर विजयी खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

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