गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कई सरकार का विरोध करते हैं इसी कड़ी में मुस्लिम धर्म गुरू ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने अविमुक्तेश्वरानंद की मांग का समर्थन किया है। शहाबुद्दीन रजवी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की जोरदार मांग की है। उन्होंने कहा कि पैगंबर की हदीस के अनुसार गाय का दूध स्वास्थ्य के लिए अमृत है, इसलिए गाय का संरक्षण अनिवार्य है। यह बयान गौहत्या पर रोक और सांप्रदायिक सौहार्द बढ़ाने के उद्देश्य से दिया गया है।

मौलाना शहाबुद्दीन ने केंद्र सरकार से गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने की मांग की है, ताकि देश में अमन और भाईचारा बना रहे। मौलाना ने हदीस का हवाला देते हुए बताया कि गाय का दूध दवा और स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, जबकि उसका मांस बीमारियों का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि गौहत्या इंसानियत के खिलाफ इस पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

आप को बता दें यह मांग ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश में ‘गोदान’ फिल्म और गौ संरक्षण को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की ऐसी कोई विशेष योजना नहीं है और यह मामला राज्य सरकार के अंतर्गत आता है।

गौरतलब है कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने गाय को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर यूपी सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम (जनवरी 2026 के अंत में) दिया है। उन्होंने कहा कि जो सरकार गौ रक्षा नहीं कर सकती, उसे ‘नकली हिंदू’ घोषित किया जाएगा और गोमांस निर्यात जारी रहने पर योगी सरकार को भी उन्होंने खरी खोटी सुनाई थी। फिलहाल मौलाना शहाबुद्दीन का बयान को राजनीतिक बयान मान रहे हैं।

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