बिजनौर में फर्जी न्यायिक अधिकारी बनकर बैंक से 35 लाख का लोन लेने के लिए पहुंची महिला को बैंक अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पकड़ी गई महिला रामपुर की रहने वाली है और अपने आप को रामपुर जनपद में न्यायिक अधिकारी के पद पर तैनात होने की बात बता रही थी. उसके साथ पेशकार बनकर आये बिजनौर के एक वकील को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

दरअसल, बिजनौर के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी बैंक में आयशा परवीन नाम की एक महिला द्वारा 35 लाख का लोन लेने के लिए आवेदन किया गया था. आवेदन करने वाली महिला ने अपने आप को न्यायिक अधिकारी बताया था और आवेदन के समय लिखा था कि वह रामपुर जनपद में न्यायिक अधिकारी के पद पर तैनात है. महिला की ओर से आवेदन के लिए दस्तावेज बिजनौर के वकील अनस द्वारा बैंक में जमा कराए गए थे. 

बैंक में लोन की सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी. लेकिन लोन का पैसा महिला के खाते में ट्रांसफर करने से पहले महिला को बैंक बुलाया गया था. जब जब महिला बैंक पहुंची तो उसकी बोलेनो गाड़ी पर न्यायिक अधिकारी की नेम प्लेट और पीछे जज का स्टीकर लगा था. बैंक पहुंचने पर जब बैंक अधिकारियों ने दोबारा से महिला के दस्तावेज चेक किया तो उन्हें कुछ संदेह हुआ. जिला रामपुर में तैनात बताने वाली कथित महिला जज ने देहरादून के एक्सिस बैंक खाते के स्टेटमेंट लोन लेने के लिए प्रस्तुत किए थे.

जिसमें एक लाख 30 हजार रुपए की सैलरी की आमद और करीब 5 लाख रुपए जमा दर्शाए गए थे. लेकिन जब बैंक अधिकारियों ने देहरादून बैंक से संपर्क करते हुए बैंक से सीधे स्टेटमेंट मंगाई तो उस बैंक खाते में मात्र 40 हजार जमा थे. साथ ही कोई भी वेतन की स्लिप की एंट्री नहीं मिली. इसके साथ ही महिला का ज्वाइनिंग लेटर और जज होने का पहचान पत्र भी फर्जी पाया गया. इतना सब होने के बाद बैंक अधिकारियों ने महिला को बैंक में बैठाकर बातों में लगाए रखा और पुलिस को बुला लिया.

पुलिस पहुंची तो पूरे मामले की जानकारी दी गई. जिसके बाद पुलिस ने महिला और उसके साथ पहुंचे युवक को गिरफ्तार कर लिया. जांच में यह भी सामने आया है कि महिला जज की गाड़ी के ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि वह जिला रामपुर का रहने वाला है. महिला खुद को जज बताकर उसे अपनी गाड़ी चलाने के लिए उस समय बुलाती थी, जब उसे कहीं जाना होता था.

महिला रामपुर की जज कॉलोनी में बने मकान में रहती है और ड्राइवर टैक्सी चालक है. फिलहाल पुलिस महिला आयशा परवीन और कथित पेशकार बने वकील के खिलाफ कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर फर्जी लोन लेने और अपने आप को जज बताकर बैंक को गुमराह करने के आरोप में बैंक अधिकारियों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की कार्रवाई की जा रही है.

गौतम राय सहायक पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सिविल लाइन स्टिक एचडीएफसी बैंक में एक महिला 35 लाख का लोन लेने के लिए पहुंची थी. उसने अपने आप को न्यायिक अधिकारी बताया था. शक होने के आधार पर बैंक अधिकारियों की शिकायत पर महिला और उसके साथी को थाने में लाया गया, जहां उनके दस्तावेज चेक किए गए. दस्तावेज को रचित पाए जाने के बाद उनके खिलाफ मुकदमा लिखकर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है. 

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