अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने शनिवार को अमेरिकी सांसद लिंडसे ग्राहम से बात करके उन्हें ऊर्जा सुरक्षा से संबंधित भारत के दृष्टिकोण से अवगत कराया।

क्वात्रा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “सीनेटर लिंडसे ग्राहम से बात की और अमेरिका के साथ ऊर्जा व्यापार बढ़ाने समेत भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर अपने विचार साझा किये।”

इससे एक दिन पहले लिंडसे ग्राहम ने भारत से आग्रह किया था कि वह यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मदद करने के लिए अपने ‘‘प्रभाव’’ का उपयोग करे।

सांसद ने यह बात शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात करने के कुछ घंटों बाद कही।

ग्राहम ने कहा कि यह वाशिंगटन और दिल्ली के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में ‘‘महत्वपूर्ण’’ होगा।

उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘जैसा कि मैं भारत में अपने दोस्तों से कहता रहा हूं, भारत-अमेरिका संबंधों को बेहतर बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण काम जो वे कर सकते हैं, वह है राष्ट्रपति ट्रंप को यूक्रेन में इस खूनखराबे को खत्म करने में मदद करना।’’

ग्राहम ने कहा कि भारत रूस से सस्ते तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है, जो ‘‘पुतिन की युद्ध मशीन को ईंधन देता है।’’

अमेरिकी सांसद ने कहा, ‘‘मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन के साथ हालिया फोन कॉल के दौरान यूक्रेन में इस युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया होगा। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि इस मामले में भारत का प्रभाव है, और मुझे उम्मीद है कि वे इसका समझदारी से इस्तेमाल करेंगे।’’

ग्राहम ने रूस से तेल की खरीदने के लिए भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के ट्रंप के फ़ैसले का समर्थन करते हुए कहा, ‘‘भारत जैसे देशों के लिए युद्ध से हुई मुनाफाखोरी की कीमत चुकाना एक अच्छी शुरुआत है।’’

ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने को लेकर शुरू में भारत पर 25 प्रतिशत का शुल्क लगाया था, जिसके बाद 25 प्रतिशत का अतिक्त जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, अतिरिक्त शुल्क 27 अगस्त से प्रभावी होगा।

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