केरल के कासरगोड जिले में एक किशोर का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में दो सरकारी कर्मचारियों सहित नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने एलजीबीटीक्यू समुदाय के एक मोबाइल ऐप पर किशोर से दोस्ती की थी। पुलिस के अनुसार, दो सरकारी कर्मचारियों में से एक रेलवे अधिकारी और दूसरा कासरगोड बेकल उप-जिला शिक्षा अधिकारी था। बाद में, शिक्षा अधिकारी सैनुद्दीन वी के को सामान्य शिक्षा विभाग के निदेशक ने पॉक्सो मामले में उनकी संलिप्तता के कारण निलंबित कर दिया।

इस मामले से विभाग की छवि धूमिल हुई थी। जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि किशोर (16) का उसके घर, कन्नूर तथा कोझिकोड जिलों सहित विभिन्न स्थानों पर दो साल से अधिक समय तक 14 अलग-अलग पुरुषों ने यौन शोषण किया।

पुलिस ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब किशोर की मां ने अपने घर पर एक व्यक्ति को देखा जो उन्हें देखकर भाग गया। मां ने जब पूछताछ की तो बेटे ने उन्हें सारी बात बताई। उन्होंने बताया कि किशोर की मां ने यह बात चाइल्ड लाइन को बताई, जिसने पुलिस को घटना की जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि लड़के के बयान के आधार पर पिछले दो दिनों में आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम 2012 के तहत 14 मामले दर्ज किए गए हैं।

अधिकारी ने बताया कि एक पुलिस उपाधीक्षक और चार निरीक्षकों वाली एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी गठित की गई है, जो कासरगोड जिले में हुई घटनाओं से संबंधित आठ मामलों की जांच करेगी।

उन्होंने बताया कि शेष छह मामलों को कोझिकोड और कन्नूर जिलों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां लड़के का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था। पुलिस ने बताया कि मामले के 14 आरोपियों की उम्र 25 से 51 वर्ष के बीच है।

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