केरल में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ), विपक्षी दल संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के बीच नौ अप्रैल को हुए चुनावी मुकाबले के बाद अब सबकी निगाहें सोमवार को मतगणना के बाद सामने आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। राज्य के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास में लगे तीनों गठबंधनों के लिए ये चुनाव परिणाम बेहद महत्वपूर्ण हैं।

आठ बजे से शुरू होगी मतगणना
केरल में कुल 2,71,42,952 मतदाता हैं, जिनमें से 79.63 प्रतिशत ने नौ अप्रैल को 140 विधानसभा क्षेत्रों में हुए चुनाव में अपने मत डाले। राज्य की 140 सीट के लिए कुल 883 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने बताया कि मतगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सोमवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होने की उम्मीद है और 43 स्थानों पर 140 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।

मतगणना के लिए 15,464 कर्मियों तैनात
अधिकारियों ने बताया कि मतगणना के लिए 15,464 कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें 140 निर्वाचन अधिकारी, 1,340 अतिरिक्त निर्वाचन अधिकारी, 4,208 सूक्ष्म पर्यवेक्षक, 4,208 गणना सुपरवाइजर और 5,563 गणना सहायक शामिल हैं। प्रक्रिया के तहत ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ को निर्वाचन आयोग के पर्यवेक्षकों, सुरक्षाकर्मियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में खोला जाएगा।

डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले
डाक मतपत्रों की गिनती सबसे पहले की जाएगी जो कुल डाले गए मतों का 1.36 प्रतिशत हैं। मतगणना के मद्देनगर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए राज्य पुलिस कर्मियों के साथ केंद्रीय बलों की 25 कंपनियों को तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि चुनाव के बाद किसी भी प्रकार की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस ने पूरे राज्य में निगरानी बढ़ा दी है।

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