उत्तर प्रदेश में कानपुर के नयागंज इलाके में रविवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान बड़ा हंगामा हो गया। यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब पुलिस और रथ यात्रा समिति के पदाधिकारियों के बीच साउंड सिस्टम को लेकर बहस हो गई।

क्या था विवाद का कारण?
मिली जानकारी के मुताबिक, रथ यात्रा जैसे ही नयागंज इलाके में पहुंची, पुलिस ने यात्रा में लगे साउंड सिस्टम को लेकर आपत्ति जताई। पुलिस ने कहा कि सिर्फ 2 स्पीकर ही लगाए जा सकते हैं, लेकिन समिति के लोग इससे सहमत नहीं थे। इसी बात को लेकर बादशाही नाका चौकी में तैनात इंस्पेक्टर और रथ यात्रा समिति के पदाधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई। समिति का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने यात्रा में शामिल पदाधिकारियों और संतों से अभद्रता की और अपशब्द कहे। इससे नाराज होकर लोग विरोध में उतर आए।

महंत की आत्मदाह की चेतावनी
बताया जा रहा है कि पनकी मंदिर के महंत जितेंद्र दास इस विवाद से इतने नाराज हो गए कि उन्होंने चेतावनी दे दी कि अगर रात 8 बजे तक बादशाही नाका चौकी इंचार्ज पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे नयागंज चौराहे पर आत्मदाह कर लेंगे। यह सुनकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

7 घंटे तक चला हंगामा, बाजार बंद
इस पूरे मामले में रथ यात्रा समिति के पदाधिकारी, संत, व्यापारी और कई भाजपा नेता एकजुट हो गए। उन्होंने विरोध में नयागंज बाजार बंद करा दिया और दुकानों के शटर गिरा दिए। सैकड़ों की संख्या में लोग धरने पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।

पुलिस की कार्रवाई
स्थिति को संभालने के लिए डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत कार्रवाई की घोषणा की। उन्होंने बताया कि रथ यात्रा विवाद में बादशाही नाका चौकी में तैनात इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है।

सांसद का बयान
कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है और यदि कोई पुलिसकर्मी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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