मेरठ में हत्यारन पत्नी मुस्कान ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की बेरहमी से हत्या कर उसके शव को नीले ड्रम में ठिकाने लगा दिया था जिसके बाद से नीला ड्रम खूब चर्चाओं में रहा. बात अगर कांवड़ मेले की करें तो इस कांवड़ मेले में भी बदनाम हुआ नीला ड्रम खूब चर्चाओं में है. दरसअल हरिद्वार से नीले ड्रम में गंगाजल भरकर कांवड़ लेकर चले दिल्ली के नरेला निवासी हिमांशु अपने साथी के साथ शुक्रवार को मुजफ्फरनगर जनपद में पहुंचे थे जहाँ नीले ड्रम की ये कांवड़ खूब चर्चाओं में रही.

जानकारी के मुताबिक 121 लीटर गंगाजल नीले ड्रम में भरकर हरिद्वार से कांवड़ लेकर यह शिव भक्त भोले दिल्ली के नरेला में जा रहे हैं जो रोज 10 किलोमीटर का अपना सफर तय करते हैं. जब इन शिव भक्तों से नीले ड्रम के बारे में बात की गई तो इनका कहना था कि नीला ड्रम न्यूज में बहुत ज्यादा वायरल हुआ है. इसलिए हम नीले ड्रम को लेना नहीं चाहते थे क्योंकि इसकी ज्यादा चर्चा है लेकिन जब हमें और किसी रंग का ड्रम नहीं मिला और हमें ज्यादा जल लेकर आना था तो मन मार कर नीले ड्रम को ही हमें लेना पड़ा.

मुजफ्फरनगर में बढ़ने लगी शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या 

बता दें कि शुक्रवार से सावन मास शुरू हो गया है जिसके चलते अब मुजफ्फरनगर जनपद में शिवभक्त कांवड़ियों की संख्या बढ़ने लगी है. क्योंकि यही वह मुजफ्फरनगर जनपद है जहां हरिद्वार से गंगाजल उठाकर करोड़ों की संख्या में शिव भक्त कांवड़िए मुजफ्फरनगर से होते हुए हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए प्रस्थान करते हैं. इसलिए यहां पर रंग बिरंगी और चर्चाओं में रहने वाली अनोखी कांवड़ खूब देखने को मिलती है.

दिल्ली मैं बहुत घुमा लेकिन नहीं मिला अलग रंग का ड्रम

नीले ड्रम में गंगाजल भरकर कांवड़ ला रहे शिव भक्त कांवड़िए हिमांशु दिलोड का कहना है कि मैं हरिद्वार से आया हूं जल लेकर और लामपुर गांव में जाऊंगा नरेला दिल्ली मैं बहुत घुमा हूं मेरे को पीले कलर के चाहिए थे वह मिला नहीं. फिर मुझे नीले दिख गए मैं नीले ही ले लिए वैसे न्यूज इसके बारे में ज्यादा वायरल हो रही है मैंने नीले ही ले लिए फिर, नहीं तो मैं इनको लेना नहीं चाहता था ज्यादा इसकी चर्चा है मैं इसलिए ले नहीं रहा था. इसको यह तो मन मार कर लिए थे.

एक ड्रम में 60 लीटर है जल

मैंने एक ड्रम में 60 लीटर जल लिया है, टोटल 121 लीटर है, हमारी टीम में हम दो ही लोग हैं. रोजाना 10 किलोमीटर चलते हैं हम कुछ नहीं बस ऐसे ही ले लिए थे. वैसे हमको यह चाहिए नहीं थे हम ले नहीं रहे थे फिर भी मजबूरी में लेने पड़े मन मार कर ज्यादा जल लाना था. जो टोकनी है बड़ी-बड़ी चलती नी है हमारे से पिछली बार आए थे तो वह चल नहीं पाई थी तो इस बार यह ले लिए यह देखेंगे कैसे चलाते हैं हां नीला ड्रम बहुत चर्चाओ में था.

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