मुजफ्फरनगर हाईवे पर स्थित मुस्लिम होटल और ढाबों से हिंदू देवी-देवताओं के नाम हटाने की मांग को लेकर स्वामी यशवीर महाराज ने कलेक्ट्रेट में भूख हड़ताल शुरू कर दी। उन्होंने चेताया कि जब तक हिंदू देवी-देवताओं के नाम पर संचालित मुस्लिम ढाबों और होटल से नाम नहीं हटाए जाएंगे वह कलेक्ट्रेट में धरना जारी रखेंगे।
उन्होंने कलेक्ट्रेट के सार्वजनिक स्थान पर ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। मुजफ्फरनगर हाईवे पर शुद्ध वैष्णो भोजनालय और होटल की भरमार है। हरिद्वार से लेकर मुजफ्फरनगर और मुजफ्फरनगर से मेरठ और शामली तक हाईवे पर विभिन्न होटल खुले हुए हैं। कांवड़ यात्रा से पहले बघरा में आश्रम चलाने वाले स्वामी यशवीर महाराज ने आरोप लगाया था कि बहुत से मुस्लिम लोगों ने ढाबे खोलकर उनके नाम हिंदू देवी-देवताओं पर रख लिए हैं।
उनका आरोप था कि हिंदू देवी-देवताओं पर होटल और ढाबों का नाम रखकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने शासन को सूची भेजकर ऐसे ढाबे और होटल बंद कराने की मांग की थी। इसके बाद कांवड़ यात्रा के दौरान जिला प्रशासन ने मुस्लिमों द्वारा संचालित वेज और नॉनवेज सभी प्रकार के होटल और ढाबे बंद करा दिए थे। स्वामी यशवीर महाराज ने मांग उठाई थी कि इन होटल और ढाबों से हिंदू देवी-देवताओं के नाम हटाए जाएं।
उन्होंने 21 जुलाई से स्वयं हाईवे पर जाकर नाम हटाने की भी घोषणा की थी। इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से अनुमति न मिलने पर स्वामी यशवीर महाराज ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम समाज के लोग होटल और ढाबे खोलकर उन पर हिंदू देवी-देवताओं के नाम लिख देते हैं, जिससे हिंदू समाज के लोगों को भ्रमित किया जा सके। आशंका जताई कि ऐसा कर मुस्लिम समाज के लोग खाने में गौमांस मिलाकर हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट कर सकते हैं।
