उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में यहां एक तरफ आध्यात्मिक और धार्मिक वातावरण बना हुआ है। वहीं, सोशल मीडिया पर आईआईटी बाबा अभय सिंह की बढ़ती लोकप्रियता भी चर्चा का विषय बन चुकी है। आईआईटी बाबा अपनी अनोखी शैली और विचारों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हो गए है। उन्होंने कई सारे दावे भी किए है। जिसके बाद करौली सरकार ने उन पर निशाना साधा और तीखी प्रतिक्रिया दी है।

आईआईटी बाबा अभय सिंह पर प्रतिक्रिया देते हुए करौली सरकार ने कहा कि आईआईटी बाबा जैसे लोग धर्म और सनातन परंपराओं की गरिमा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनका मानना था कि जो व्यक्ति अपने माता-पिता का सम्मान नहीं कर सकता, वह साधु या बाबा कैसे हो सकता है? करौली सरकार ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आईआईटी बाबा के वीडियो और बयान को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तियों को महाकुंभ से बाहर कर देना चाहिए।

जानिए वायरल कंटेंट पर क्या कहा?
करौली सरकार ने कहा कि महाकुंभ एक बहुत ही दुर्लभ और पवित्र आयोजन है, जो 144 वर्षों के बाद आयोजित हो रहा है। ऐसे आयोजन में साधु-संतों और धर्म से जुड़ी सच्ची बातें वायरल होनी चाहिए, लेकिन अब जो कंटेंट वायरल हो रहा है, वह कुंभ और सनातन धर्म की पवित्रता को नुकसान पहुंचा रहा है। करौली सरकार ने यह भी कहा कि महाकुंभ का असल उद्देश्य सनातन परंपराओं का प्रचार-प्रसार करना है।

महाकुंभ में आई हर्षा रिछारिया का समर्थन करते हुए करौली बाबा ने कहा कि वह सनातन धर्म को पूरी श्रद्धा और विधि-विधान से अपना रही हैं। उनका मानना था कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है कि वे कैसे सनातन धर्म को अपनाएं और किसे इसमें शामिल करें। यह सब धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए किया जा रहा है।

 

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights