दुनिया भर में मशहूर चीन के शाओलिन मंदिर  के प्रमुख  शी योंगक्सिन  एक बार फिर गंभीर आरोपों के चलते सुर्खियों में हैं। शाओलिन मंदिर को सिर्फ बौद्ध धर्म का नहीं, बल्कि कुंग फू मार्शल आर्ट  का भी जन्मस्थान माना जाता है। अब इसी ऐतिहासिक मंदिर के मठाधीश पर गंभीर यौन दुराचार, भ्रष्टाचार और बौद्ध अनुशासन तोड़ने के आरोप लगे हैं। चीन के हेनान प्रांत  में स्थित मंदिर प्रशासन ने रविवार को पुष्टि की कि शी योंगक्सिन  पर मंदिर की संपत्ति और प्रोजेक्ट फंड का दुरुपयोग करने, कई महिलाओं के साथ अवैध संबंध रखने और विवाहेतर संतान पैदा करने का संदेह है।

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 साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, उनके खिलाफ आपराधिक जांच शुरू कर दी गई है। 59 वर्षीय शी योंगक्सिन पहली बार आरोपों के घेरे में नहीं आए हैं। साल 2015 में भी उन पर गबन और अनैतिक संबंधों के आरोप लगे थे। तब जांच में उन्हें क्लीन चिट मिल गई थी। शी 1981  में बेहद कम उम्र में शाओलिन मंदिर से जुड़े थे और  1999 से मठाधीश की भूमिका निभा रहे हैं। वे चीन के बौद्ध संघ के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और नेशनल पीपुल्स कांग्रेस  के प्रतिनिधि भी रहे हैं। इस कारण उनका राजनीतिक और धार्मिक क्षेत्र में बड़ा रसूख माना जाता है।

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शाओलिन मंदिर की स्थापना  495 ईस्वी  में मानी जाती है। इसे बौद्ध धर्म के जेन संप्रदाय  का जन्मस्थान माना जाता है। लेकिन इसकी पहचान सिर्फ बौद्ध मठ तक सीमित नहीं है। यह चीनी कुंग फू मार्शल आर्ट का भी गढ़ है। दुनिया भर से लोग यहां मार्शल आर्ट सीखने आते हैं। शाओलिन का जिक्र कई मशहूर फिल्मों में हुआ है। एक्टर जेट ली  की चर्चित फिल्म का नाम भी  ‘शाओलिन टेंपल’ ही है। शी योंगक्सिन के खिलाफ आरोपों की जांच के बाद अगर आरोप साबित हुए तो न सिर्फ उनकी प्रतिष्ठा को बड़ा झटका लगेगा, बल्कि इस ऐतिहासिक मंदिर की छवि पर भी सवाल खड़े हो जाएंगे।

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