उत्तराखंड के ऋषिकेश में सोमवार रात एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। खंड गांव इलाके में योग नगरी रेलवे स्टेशन के पास उज्जैन एक्सप्रेस के तीन डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए। यह घटना सोमवार रात करीब 9:30 बजे की है। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त ट्रेन पूरी तरह खाली थी और उसमें कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे एक बड़ा जान-माल का नुकसान होने से बच गया।

शुरुआती जांच से पता चलता है कि नियमित रखरखाव (मेंटेनेंस) के काम के दौरान ब्रेक फेल होने के कारण यह हादसा हुआ। इस घटना ने रखरखाव के घंटों के दौरान ट्रेनों की आवाजाही के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह आरोप भी लगाए जा रहे हैं कि रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी घटना स्थल पर करीब ढाई घंटे तक नहीं पहुंचे।

यह हादसा पिछले कुछ दिनों में सामने आई रेलवे से जुड़ी घटनाओं की कड़ी में एक और घटना है। सोमवार सुबह सासाराम में एक ट्रेन में आग लग गई थी, और उससे एक दिन पहले रतलाम जिले में राजधानी एक्सप्रेस 12431 के एक डिब्बे में आग लग गई थी।

ऋषिकेश में ट्रेन पटरी से उतरने की घटना में ब्रेक फेल होने का संदेह

इस बीच, ट्रेन पटरी से उतरने के तुरंत बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवानों ने मोर्चा संभाला और पटरियों को सुरक्षित करने के लिए भीड़ को वहां से हटाया। रेलवे अधिकारियों ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है और कहा है कि घटना के कारणों की गहनता से जांच की जा रही है।

सासाराम और रतलाम में आग लगने की घटनाएं सामने आईं

इससे पहले सोमवार (18 मई) को सुबह करीब 6 बजे सासाराम रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सासाराम-आरा-पटना मार्ग पर चलने वाली एक यात्री ट्रेन में अचानक आग लग गई। जैसे ही आग की लपटें फैलीं, प्लेटफॉर्म पर और ट्रेन के अंदर मौजूद यात्री अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगहों की ओर भागे। आखिरकार, बचाव दल ने आग पर काबू पा लिया।

रविवार को रतलाम जिले के आलोट स्टेशन के पास तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस 12431 के एक डिब्बे में आग लगने की एक और घटना सामने आई थी। आग से प्रभावित डिब्बे में 68 यात्री सवार थे। गनीमत रही कि आग से जुड़ी इन दोनों घटनाओं में किसी के भी घायल होने की कोई खबर नहीं है।

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