प्रयागराज में 24 फरवरी को हुए उमेशपाल हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। इसके तहत 11 फरवरी को बरेली सेंट्रल जेल में दो घंटे तक सीसीटीवी कैमरे बंद रहे। इसी दिन बरेली सेंट्रल में बंद अतीक के भाई अशरफ से असद समेत आठ लोगों की टीम मिलने पहुंची थीं। इन दो घंटों में असद और अशरफ के बीच आखिर क्या बात हुई?

एनडीटीवी की अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीती 11 फरवरी को उमेश पाल मर्डर केस की प्लानिंग बरेली सेंट्रल जेल के अंदर बैठकर रची गई थी। जहां उमेश पाल अपहरण केस में आरोपी अतीक का भाई अशरफ कैद था। आपको बता दें कि अतीक अहमद का बेटा असद अहमद जो बीती 24 फरवरी को उमेश पाल की हत्या का मास्टरमाइंड था, उसे यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार को झांसी में मार गिराया। उसके साथ अतीक का खास शूटर गुलाम मुहम्मद का भी एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया।

असद , शूटर गुलाम, बमबाज गुड्डू मुस्लिम समेत आठ लोग अतीक के भाई अशरफ से बरेली जेल में 2 घंटे के लिए मिले थे। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक इस मुलाकात में उमेश पाल की हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस सूत्रों ने कहा कि जेल अधिकारियों की मिलीभगत से बैठक आयोजित की गई थी, जहां कोई CCTV कैमरे नहीं लगे थे। इसी मुलाकात के 13 दिन बाद उमेश पाल के घर में घुसकर हमला किया गया , जिसमें उनकी मौत हो गई थी।
प्रयागराज मर्डर केस के बाद से पिछले 16 दिनों में अतीक को दूसरी बार प्रयागराज लाया गयाहै। इससे पूर्व 27 मार्च को उसे गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज लाया गया था। 28 मार्च को उसे प्रयागराज के MP-MLA स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। उमेश पाल कीडनैपिंग केस में माफिया अतीक अहमद सहित 3 अन्य को सश्रम उम्रकैद की सजा मुकर्र की गई थी। वहीं, उसके भाई अशरफ समेत 7 लोगों को कोर्ट ने दोषी नहीं माना था।

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