जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की। इससे पहले, उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के संबंध में केंद्रीय नेतृत्व को प्रस्ताव सौंप सकते हैं।

बीते दिनों उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया गया था, जिसे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंजूरी भी दे दी थी।

हाल ही में हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में कुल 90 सीटों में से नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 42 सीटें जीत कर सरकार बनाई है। कांग्रेस बाहर से समर्थन कर रही है।

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 को निरस्त करने और जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दोनों को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर में चुनाव हुए हैं। बीते दिनों इस चुनाव के कई सियासी मायने निकाले गए थे। लद्दाख को बिना विधानसभा के केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया है।

इससे पहले जब उमर अब्दुल्ला की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई, तो उन्होंने इसे महज एक शिष्टाचार भेंट बताया था। उन्होंने कहा था कि इस मुलाकात के दौरान हमने घाटी से जुड़े मुद्दों पर बात की।

उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की। उन्होंने उमर अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर में चल रही सड़क विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी।

जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले के गगनगीर इलाके में हुए आतंकी हमले के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली पहुंचे हैं, जहां उनकी मुलाकात कई बड़े शीर्ष नेताओं से हुई है। गांदरबल हमले में एक चिकित्सकीय कर्मचारी समेत सात लोगों की मौत हो गई थी। जान गंवाने वाले लोगों में कई पेशे से जुड़े लोग शामिल थे। इस हमले के बाद विपक्ष ने घाटी में शांतिपूर्ण माहौल होने के केंद्र सरकार के दावे पर सवाल खड़े किए थे।

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