सोशल मीडिया पर मशहूर होने और फॉलोअर्स बटोरने की भूख युवाओं को किस हद तक ले जा सकती है, इसका एक खतरनाक उदाहरण ताजनगरी आगरा में देखने को मिला। जहां एक युवती ने चर्चा में आने के लिए ऑल आउट कीटनाशक पीते हुए आत्महत्या का फर्जी वीडियो बनाकर पोस्ट कर दिया। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी ने समय रहते इस खतरनाक ड्रामे का पर्दाफाश कर दिया।
मेटा (Meta) से मिला डेथ अलर्ट, हरकत में आई पुलिस
मामला 5 मार्च का है, जब आगरा पुलिस की सोशल मीडिया सेल को फेसबुक-इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा से एक इमरजेंसी अलर्ट मिला। अलर्ट में बताया गया कि फतेहपुर सीकरी इलाके की एक युवती ने कीटनाशक पीते हुए वीडियो डाला है और साथ में लिखा है— Ab Krna block। मामला सुसाइड की कोशिश का लग रहा था, इसलिए पुलिस ने बिना देर किए लोकेशन ट्रैक की।
घर पहुंची पुलिस तो खुला झूठ का पिटारा
फतेहपुर सीकरी थाना पुलिस जब आनन-फानन में युवती के घर पहुंची, तो हकीकत देखकर दंग रह गई। पूछताछ में पता चला कि युवती पूरी तरह सुरक्षित है और उसने कोई जहरीला पदार्थ नहीं पिया था। उसने केवल सोशल मीडिया पर लाइमलाइट और फॉलोअर्स पाने के लिए खाली बोतल के साथ यह फर्जी वीडियो बनाया था।
पुलिस की काउंसलिंग और सख्त चेतावनी
पुलिस ने युवती को हिरासत में लेने के बजाय संवेदनशीलता दिखाई और उसकी लंबी काउंसलिंग की। उसे समझाया गया कि इस तरह के भ्रामक वीडियो न केवल कानूनन अपराध हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी देते हैं। युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसा न करने की शपथ ली। वहीं, युवती के परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
पुलिस ने युवाओं से की ये अपील
आगरा पुलिस ने इस घटना के बाद सख्त लहजे में अपील की है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता के लिए अपनी या दूसरों की जान जोखिम में ना डालें। सुसाइड या हिंसा से जुड़े फर्जी वीडियो बनाना ‘साइबर क्राइम’ की श्रेणी में आ सकता है। भ्रामक जानकारी फैलाकर पुलिस और प्रशासन को गुमराह करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
