इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ जारी संघर्ष में इजराइल और अमेरिका के लक्ष्य एक जैसे हैं। नेतन्याहू ने बुधवार को कहा कि अमेरिका, ईरान के साथ अपने संपर्कों की जानकारी इजराइल को देता रहा है। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका और इजराइल ईरान की संवर्धन क्षमताओं को समाप्त करने और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को फिर से खोलने के लिए प्रयासरत हैं। नेतन्याहू ने एक बयान में कहा, “हमारे और अमेरिका के लक्ष्य एक जैसे हैं। हम ईरान से परमाणु सामग्री को हटाना चाहते हैं, हम ईरान के भीतर संवर्धन क्षमताओं को खत्म होते देखना चाहते हैं और निश्चित रूप से हम जलडमरूमध्य को खुलते देखना चाहते हैं।”

उन्होंने ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच 22 अप्रैल को समाप्त होने वाले दो सप्ताह के युद्धविराम का जिक्र करते हुए कहा, “अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस मामले का क्या अंजाम होगा या यह किस दिशा में आगे बढ़ेगा। लड़ाई दोबारा शुरू होने की संभावना को देखते हुए, हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं।” नेतन्याहू ने इजराइली सेना और शिया लेबनानी समूह हिजबुल्ला के बीच भारी गोलाबारी पर कहा कि सेना उत्तरी इजराइल के निवासियों के साथ खड़ी रहते हुए चरमपंथी ठिकानों पर हमले जारी रखे हुए है। उन्होंने कहा, “मैं उत्तर के निवासियों के साथ खड़ा हूं जो दृढ़ संकल्पित हैं। साथ ही हमारी सेनाएं हिजबुल्ला पर हमले जारी रखे हुए हैं।” उन्होंने दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्ला के प्रमुख गढ़ बिन्त जबील में जारी अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इजराइली सेना इस क्षेत्र पर कब्जा करने के करीब है।

बिन्त जबील को 2006 के युद्ध के बाद से हिज्बुल्ला के प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता रहा है। बिन्त जबील दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्ला की राजधानी थी। नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने इजराइल रक्षा बल (आईडीएफ) को दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा क्षेत्र का विस्तार करने और इसे पूर्व की ओर माउंट हर्मोन की ढलानों तक बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि ‘संकट की इस घड़ी में हमारे द्रुज (पश्चिम एशिया का एक विशिष्ट धार्मिक-जातीय समुदाय) भाइयों की बेहतर सहायता की जा सके’। नेतन्याहू ने लेबनान के साथ वार्ता के जारी होने की भी पुष्टि की, जिसमें अमेरिका मध्यस्थता कर रहा है। यह वार्ता एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है क्योंकि दोनों देशों (इजराइल और लेबनान) के बीच औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं।

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