इजराइल के भारतीयों के गढ़ डिमोना शहर, जिसे ‘लिटिल इंडिया’ के नाम से भी जाना जाता है, शनिवार को ईरान के मिसाइल हमले का शिकार बन गया। इस हमले में कम से कम 47 लोग घायल हो गए, जिनमें एक 12 वर्षीय बच्चा गंभीर रूप से घायल है। बचाव एजेंसी मेगन डेविड अदोम (MDA) के अनुसार, कई लोग छर्रों और कांच के टुकड़ों से घायल हुए, जबकि कुछ लोग डर के कारण आश्रय स्थलों की ओर भागते समय गिरकर घायल हो गए। करीब 14 लोगों को बेचैनी और सदमे के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मिसाइल एक सामुदायिक भवन पर गिरी, जिससे आसपास के पुराने मकान भी ढह गए। हालांकि, ज्यादातर लोग पहले ही बंकरों में चले गए थे, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। इजराइल की सेना इजराइल डिफेंस फोर्सेज ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मिसाइल को रोकने की कोशिश की, लेकिन इंटरसेप्टर उसे गिराने में असफल रहे। अब इस पूरी घटना की जांच की जा रही है। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने दोनों देशों से “अधिकतम सैन्य संयम” बरतने की अपील की है। एजेंसी ने कहा कि डिमोना के परमाणु केंद्र को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
ईरान ने दावा किया कि यह हमला नतांज परमाणु संवर्धन केंद्र पर कथित हमले के जवाब में किया गया, हालांकि IDF ने इस आरोप से इनकार किया है। डिमोना में बड़ी संख्या में भारतीय-यहूदी समुदाय रहता है, जिनमें अधिकांश महाराष्ट्र से जुड़े हैं। यहां करीब 7,500 भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो शहर की आबादी का लगभग 30% हैं। यही कारण है कि इसे ‘लिटिल इंडिया’ कहा जाता है।यहां भारतीय संस्कृति की झलक साफ दिखाई देती है दुकानों में सोनपापड़ी, गुलाब जामुन, पापड़ी चाट और भेलपुरी जैसे व्यंजन मिलते हैं, और मराठी भाषा आम तौर पर सुनाई देती है। क्रिकेट भी यहां बेहद लोकप्रिय है।
