सरबजीत सिंह बनूड़ – भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval के खिलाफ इटली के मिलान की अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज की गई है। यह शिकायत ऐसे समय सामने आई है जब भारतीय प्रधानमंत्री Narendra Modi 20 मई को इटली दौरे पर पहुंचे और डोभाल भी उनके साथ पहुंचे।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अजीत डोभाल ने इटली में रह रहे खालिस्तान रेफरेंडम समर्थकों के खिलाफ ‘ट्रांसनेशनल रिप्रेशन’ यानी विदेशी धरती पर डराने-धमकाने और दबाव बनाने वाली गतिविधियों का संचालन किया।
यह शिकायत इटली के न्याय मंत्रालय के क्रिमिनल डॉक्यूमेंट डिपॉजिट पोर्टल के जरिए इतालवी नागरिक गुरपाल सिंह और जगरोप सिंह द्वारा दर्ज करवाई गई। शिकायत में इटली की दंड संहिता की धारा 612 और 612-bis के तहत गंभीर धमकियों और लगातार परेशान करने के आरोप लगाए गए हैं।
दावा किया गया है कि 2020 और 2022 के दौरान इटली में आयोजित खालिस्तान रेफरेंडम कार्यक्रमों से जुड़े मामलों में मिलान के पूर्व भारतीय काउंसल राजेश भाटिया द्वारा धमकियां दी गई थीं। शिकायत के अनुसार यह सभी गतिविधियां अजीत डोभाल के निर्देश और निगरानी में चलाई गईं।
शिकायत में कनाडा, अमेरिका और ब्रिटेन में सिख कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित कार्रवाइयों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कनाडा में Hardeep Singh Nijjar की हत्या, अमेरिका में Gurpatwant Singh Pannun के खिलाफ कथित हत्या साजिश और ब्रिटेन में खालिस्तान समर्थकों को मिली धमकियों का जिक्र शामिल है।
शिकायतकर्ताओं ने इटली की अथॉरिटीज से मांग की है कि इटली में काम कर रहे भारतीय अधिकारियों की गतिविधियों की जांच की जाए और सिख राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
खालिस्तान रेफरेंडम अभियान चला रही Sikhs For Justice ने कहा कि यह शिकायत यूरोप में खालिस्तान समर्थकों को मिल रही धमकियों और दबाव की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। संगठन ने कहा कि इटली को अपनी धरती पर किसी भी विदेशी हस्तक्षेप और कथित दमनकारी गतिविधियों को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।
