प्रयागराज पुलिस माफिया अशरफ के नाम से कसारी मसारी और कौशाम्बी बार्डर पर करोड़ों की जमीन कुर्क कर चुकी है लेकिन उसे अशरफ की बेनामी संपत्तियों का पता नहीं चला था। उसका दिल्ली स्थित मकान भी कुर्क नहीं कर पाई थी। अशरफ के पकड़े गए साले सद्दाम ने उसकी करोड़ों के मकान की जानकारी दी है। खुलासा किया है कि अशरफ की रियल एस्टेट की दो कंपनियों से करोड़ों की कमाई हो रही थी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सद्दाम ने जेल जाने से पहले अपनी बहन और बहनोई के आलीशान मकान के बारे में जानकारी दी। अशरफ और उसकी पत्नी जैनब के नाम से दिल्ली के ओखला में मकान है। इसके अलावा यह भी खुलासा किया कि रियल एक्टेट की सॉलिटियर वैली और हिमालय कंपनी अशरफ की है। इसमें प्रयागराज से लेकर दिल्ली तक के लोग जुड़े हैं। कंपनी में विनीत, मयंक अग्रवाल, जियाउद्दीन, खालिद जफर, अतुल द्विवेदी समेत अन्य लोग जुड़े हैं। यही लोग काम होने के बाद अशरफ को हिस्सा पहुंचाते थे। अतीक का करीबी इमरान भी जुड़ा है। खालिद जफर धूमनगंज में गद्दियों की प्रॉपर्टी खरीदने और बेचने का काम संभालता है। वह अशरफ का रिश्तेदार है।
खालिद जफर वह बिल्डर है जिसने उमेश पाल की हत्या से पूर्व उमेश को हत्या की धमकी दी थी। उमेश पाल ने खालिद जफर के खिलाफ एक करोड़ की रंगदारी मांगने की एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद धूमनगंज पुलिस ने उमेश पाल हत्याकांड में भी खालिद जफर का नाम विवेचना में प्रकाश में लाया। वारदात के बाद से खालिद फरार है। उसे अतीक का फाइनेंसर कहा जाता है। ईडी ने भी खालिद के घर पर छापामारी कर अतीक के नाम से करोड़ों की बेनामी संपत्ति के कागजात बरामद किए थे। वह कई मुकदमों में फरार है।
