केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) को अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया। सरकार की ओर से इसको लेकर दो अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी की गई हैं। हालांकि दोनों में ये बात कही गई कि इन राज्यों की कानून-व्यवस्था की समीक्षा के बाद ही AFSPA को बढ़ाने का फैसला लिया गया है।
पहली अधिसूचना में सरकार ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग जिलों और नामसाई जिले के नामसाई, महादेवपुर और चौखम पुलिस स्टेशनों के अधिकार क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों को ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित किया गया है। ऐसे में 1 अक्टूबर 2023 से अगले छह महीने या अगले आदेश तक वहां पर AFSPA लागू रहेगा।
इसी तरह नागालैंड में इमामपुर, निउलैंड, चुमौकेदिमा, मोन, किफिरे, नोक्लाक, फेक और पेरेन को अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है। इसके अलावा कोहिमा जिले में खुजामा, कोहिमा उत्तर, कोहिमा दक्षिण, ज़ुब्जा और केजाचा का नाम भी इसमें शामिल है। वहीं मोकोकचुंग जिले में मंगकोलेम्बा, मोकोचुंग-I, लोंगथो, तुली, लोंगकेम, लोंगलेंग जिले में यांगलोक पुलिस स्टेशन, वोखा जिले में भंडारी, चंपांग और रालन पुलिस स्टेशन, ज़ुन्हेबोटो जिले में घटाशी, पुघोबोटो, सताखा, सुरुहुतो, ज़ुन्हेबोटो और अघुनातो पुलिस स्टेशन को भी अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है। वहां पर अगले 6 महीने या अगले आदेश तक AFSPA लागू रहेगा।
केंद्र सरकार ने कहा कि दोनों राज्यों में कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई थी। जिसमें ये बात सामने आई कि इन इलाकों में अभी अशांति है। ऐसे में सुरक्षाबलों को वहां पर विशेष शक्तियां दी जाएंगी। छह महीने बाद इसकी फिर से समीक्षा होगी और इस पर फैसला लिया जाएगा।जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में AFSPA लागू है। ये एक विशेष कानून है, जिससे केंद्रीय बलों को शांति बनाए रखने के लिए काफी शक्तियां मिलती हैं। इसके तहत किसी भी शख्स को बिना वारंट गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके अलावा कई मामलों में उनको बल प्रयोग का अधिकार मिलता है।