समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने दिवाली के मौके पर एक ऐसा बयान दिया, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में बवाल मचा हुआ है। अखिलेश ने ‘दिवाली को क्रिसमस’ की तरह मनाने की सलाह दी और यहां तक कह दिया कि दीये और मोमबत्ती में पैसे खर्च करना बेफिजूल है। उनके इस बयान के बाद बीजेपी ने कई नेताओं ने हमला किया।

बिहार सरकार में मंत्री शाहनवाज हुसैन ने अखिलेश यादव के विवादित बयान पर जोरदार पलटवार किया है। रिपब्लिक से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि अयोध्या में जब दीप जलता है तब समाजवादियों के दिल जलते हैं। उन्होंने कहा कि सरयू नदी के तट पर दीप जले और वर्ल्ड रिकॉर्ड बना।

‘दीये से जलता है समजवादियों का दिल’

शाहनवाज हुसैन ने कहा कि समाजवादियों ने सरयू नदी के तट को कार सेवकों के खून से लाल कर दिया था, अब वहां दीये जल रहे हैं तो उनके दिल तो जलेंगे ही। बीजेपी नेता ने आगे कहा, ”भगवान राम जब अयोध्या लौटे थे तब दीपावली मनाई गई थी अयोध्या से लेकर कर्तव्य पथ तक दीप जले हैं। अमेरिका तक में दीप जल रहे हैं और पूरी दुनिया में दिवाली मनाई जा रही है।”

अखिलेश यादव के ‘क्रिसमस की तरह दिवाली मनाओ’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए शाहनवाज ने कहा कि इस देश में हिंदुओं के त्यौहार मनाने के लिए क्या उनके प्रवचन की जरूरत है? दीये जलने पर भी उनको ऐतराज हो रहा है।

अखिलेश यादव ने क्या कहा था?

शाहनवाज का ये बयान सपा प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान के बाद आया है जब उन्होंने कहा कि मैं कोई सुझाव नहीं देना चाहता, लेकिन मैं भगवान राम के नाम पर सुझाव जरूर दूंगा। उन्होंने कहा, “देखिए दुनिया में क्रिसमस के समय पूरे शहर जगमगा जाते हैं और महीनों जगमगाकर रखते हैं वो लोग। उन्हीं से सिख लो, बस।” सपा प्रमुख ने आगे कहा, “क्यों खर्चा करना दीयों का, मोमबत्ती का, बार-बार। हम इस सरकार से क्‍या उम्‍मीद कर सकते हैं? इस सरकार को हटाइए, बहुत सुंदर रोशनी कराएंगे हम लोग।

अयोध्या में बना विश्व रिकॉर्ड

बता दें कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार हर साल दिवाली के मौके पर अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन कराती है। 19 अक्टूबर को 9वां दीपोत्सव आयोजित हुआ। इसके लिए 56 घाटों पर 29 लाख दियों को बिछाए गए। इस बार दीपोत्सव में 26,11,101 लाख दीयों को जलाए जाने का पिछला रिकॉर्ड टूट गया। वहीं, 33 हजार वालेंटियर को तैनात भी तैनात किया गया। इसके अलावा सरयू नदी में 2100 वैदिक आचार्यों द्वारा महाआरती भी हुई। दीपोत्सव में दीयों और महाआरती के दो अलग अलग विश्व रिकॉर्ड बने।

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