मुजफ्फरनगर। विदेश भेजने के सपने दिखाकर ठगी करने का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अमृतसर निवासी हितेश नागपाल के साथ मुजफ्फरनगर के मोहल्ला खालापार निवासी व जमजम इंटरनेशनल सर्विस के संचालक मोहम्मद अरशद द्वारा कथित तौर पर 45 हजार रुपये की ठगी किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित का कहना है कि उसे “स्वीजरलैंड” (विदेश) भेजने का झांसा दिया गया, लेकिन न तो विदेश भेजा गया और न ही रकम वापस की गई। पीड़ित हितेश नागपाल के अनुसार, उसने विदेश जाने की प्रक्रिया के तहत मोहम्मद अरशद को अलग–अलग किश्तों में करीब 45 हजार रुपये दिए। लंबे समय तक आश्वासन देने के बाद जब न तो वीज़ा मिला और न ही कोई ठोस प्रगति दिखाई दी, तो उसे ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने न्याय की उम्मीद में पहले पंजाब पुलिस और फिर मुजफ्फरनगर पुलिस के दरवाज़े खटखटाए, लेकिन उसके मुताबिक हर जगह उसे सिर्फ आश्वासन मिले, ठोस कार्रवाई नहीं। हितेश नागपाल ने आरोप लगाया है कि जब उसने पैसे वापस मांगने और कानूनी कार्रवाई की बात की, तो मोहम्मद अरशद द्वारा जान से मारने की धमकियां दी गईं। पीड़ित का कहना है कि धमकियों के चलते वह और उसका परिवार मानसिक तनाव में है, बावजूद इसके वह न्याय की लड़ाई लड़ने के लिए मजबूती से खड़ा है। पीड़ित ने मुजफ्फरनगर पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उसका आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ दिखावा किया गया और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। बार-बार शिकायत करने के बावजूद न तो आरोपी पर सख्त कार्रवाई हुई और न ही पीड़ित की रकम की बरामदगी के लिए कोई ठोस प्रयास नजर आए। पीड़ित हितेश नागपाल ने बताया कि पंजाब पुलिस द्वारा दिए गए दबाव के कारण गत 2024 में 20 हजार रुपए वापस भी दिए गए है, मगर उसके बाद पंजाब पुलिस ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि आप खुद ही मुजफ्फरनगर जाकर पैसे ले आओ हमारा खर्चा बहुत होता हैं। अब तमाम स्तरों पर निराशा हाथ लगने के बाद पीड़ित हितेश नागपाल ने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और ठगी की गई रकम उसे वापस दिलाई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के मामलों पर लगाम लग सके। यह मामला न केवल विदेश भेजने के नाम पर हो रही कथित ठगी की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े करता है। अब देखना यह है कि प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित को कब तक इंसाफ मिल पाता है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights