दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल को बंगला अलॉट हो गया है। केंद्र की ओर से उनको दिल्ली के लोधी एस्टेट इलाके में टाइप-7 बंगला मिला है। अब यही केजरीवाल का नया पता होगा। उन्हें ये बंगला राष्ट्रीय पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर दिया गया है।
हाल ही में केजरीवाल के लिए दिल्ली में सरकारी बंगला आवंटन के मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस दौरान सख्ती दिखाई। वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि नियमों के अनुसार अगले 10 दिनों के अंदर केजरीवाल को सरकारी बंगला आवंटित कर दिया जाएगा।
इस्तीफा देने के बाद खाली किया था बंगला
केजरीवाल अब लोधी एस्टेट इलाके में 95 नंबर बंगले में रहेंगे। दिल्ली चुनाव से पहले पिछले साल सितंबर में जब AAP प्रमुख जेल से बाहर आए थे, तो उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था इसके बाद केजरीवाल ने 6, फ्लैगस्टाफ रोड बंगला खाली कर दिया था। सीएम पद छोड़ने के बाद से ही वे आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को आवंटित सरकारी बंगले में रह रहे थे।
हाई कोर्ट का किया था रूख
दरअसल, राष्ट्रीय पार्टी के संयोजक होने से केजरीवाल दिल्ली में सरकार की ओर से आवंटित सरकारी आवास के हकदार हैं। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के संपदा निदेशालय से उनके बंगला आवंटित करने में देरी को लेकर AAP नेता ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान AAP की ओर से पेश वकील ने मांग की थी कि केजरीवाल को टाइप-8 या टाइप-7 श्रेणी का बंगला आवंटित करने का आदेश दिया जाना चाहिए। इस पर टिप्पणी करते हुए सॉलिसिटर जनरल ने कहा था, “आम आदमी टाइप-8 बंगले के लिए नहीं लड़ा करते।”
वहीं, इससे पहले केजरीवाल ने बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के पूर्व आवास की भी मांग की थी। उस बंगले को केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी को आवंटित कर दिया गया। इसके बाद अब केजरीवाल को नया आवास दे दिया गया है।
