अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें कि अली की जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अब जेल में अली से कोई भी नहीं मिल सकता है। अली अहमद से मुलाकात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही उसकी गतिविधियों पर निगरानी और भी बढ़ा दी गई है।
दरअसल कुछ दिनों पहले पहले सोशल मीडिया पर अली अहमद के नाम से एक पर्चा वायरल हो रहा था। इस पंपलेट में निकाय चुनाव में सपा, भाजपा को वोट नहीं देने की अपील की गई थी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी और पूर्व मुंख्यमंत्री अखिलेश यादव को अतीक, अशरफ, असद की हत्या का जिम्मेदार ठहराया गया।
इस अपील में कहा गया है कि उसके पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की मौत के लिए बीजेपी के साथ सपा भी जिम्मेदार है। इसलिए सभी मुसलमानों से मिलकर दोनों पार्टियों को हराने की अपील की गई है। इस पर्चे के बारे में पता चलने के बाद जेल प्रशासन लगातार सावधानी बरत रहा है।
इस वायरल चिट्ठी में ये भी लिखा कि मैं आप लोगों से गुजारिश करता हूं कि मुस्लिम भाई एक हो जाएं. आप लोग बीजेपी और सपा को वोट न दें। वहीं इस पत्र को देखते हुए जेल में मुलाकात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। अब बहुत जरूरी होने पर सिर्फ वकील ही अली से जेल में मुलाकात कर सकेंगे। हालांकि वायरल पत्र की वास्तविकता को लेकर पुलिस जांच में भी जुटी है।
बता दें कि बीते वर्ष पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में अली ने सरेंडर किया था, जिसके बाद उसे जेल भेजा दिया गया। तब से वह जेल में निरुद्ध है। 24फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड के बाद से उसकी निगरानी बढ़ा दी गई थी। अली को हाई सिक्योरिटी सेल में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया है।