फतेहपुर में माफिया अतीक अहमद के करीबी हिस्ट्रीशीटर और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में हिस्ट्रीशीटर के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस का कहना है कि हिस्ट्रीशीटर जर्रार अहमद 25 हजार का इनामी था। उसके कब्जे से राइफल और जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।
मुखबिर ने खखरेरू थाना के कुल्ली गांव के जंगल में जर्रार अहमद के छिपे होने की सूचना पुलिस को दी थी। थाना प्रभारी अमित सिंह और SOG प्रभारी ने टीम के साथ जंगल में छापेमारी की। पुलिस को देखते ही जर्रार अहमद ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी। दोनों और से हुई मुठभेड़ में कई राउंड फायरिंग के बाद एक गोली पैर पर लगने से जर्रार घायल हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
SP राजेश कुमार सिंह ने बताया, ”मुठभेड़ में पैर पर गोली लगने से 25 हजार रुपए का इनामिया गैंगस्टर जर्रार अहमद घायल हो गया है। उसको गिरफ्तार कर मेडिकल के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से एक राइफल, दो खोखा और 4 जिंदा कारतूस बरामद हुआ है। उसके ऊपर 9 संगीन मुकदमे दर्ज हैं, जो जिले के बाहर अन्य जिलों में भी हैं।”
SP ने बताया, ”इसका एक भाई मोहम्मद अहमद कुछ दिन पहले कोर्ट में सरेंडर कर चुका था, जिसको रिमांड पर लेकर पूछताछ करने पर ईंट-भट्ठे से एक राइफल, एक रिवाल्वर और ढेर सारे कारतूस बरामद हुए थे।
SP ने बताया कि पकड़ा गया गैंगस्टर जर्रार अहमद, उसका भाई और इनका मृतक पिता मोहम्मद अतहर का माफिया अतीक अहमद के घर आना-जाना था। इन लोगों का क्षेत्र में काफी आतंक रहा है। इन लोगों ने गांव में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जा कर करोड़ों रुपए का आलीशान मकान बना लिया, जिसको 16 मार्च को जिला प्रशासन के आदेश पर बुलडोजर से गिरा दिया गया था। जर्रार को काफी समय से पुलिस तलाश कर रही थी।
उधर, कौशांबी के सराय अकिल के कटैया गांव में पुलिस व प्रशासन ने बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। पुलिस की मौजूदगी में शनिवार को नायब तहसीलदार चायल, कानूनगो व 3 लेखपाल की कमेटी ने फरार शूटर अब्दुल कवि के ससुर समेत उनके पट्टीदारों के घरों की नाप कराई गई। जिन घरों की नाप कराई गई है। उनमें पूर्व विधायक हीरापुर विधानसभा हाजी मौलवी ताहिर हुसैन का घर भी शामिल है।
पूर्व बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड को 18 वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन हत्या में शामिल शूटर अब्दुल कवि पुलिस की पकड़ से अभी दूर है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस की नींद टूटी और अब ताबड़तोड़ कार्रवाई का सिलसिला शुरू हो चुका है। पिछले 48 घंटे में पुलिस ने शूटर अब्दुल कवि के इनाम की धनराशि 50,000 से बढ़ाकर एक लाख कर दी है। उसके पैतृक गांव भकंद व ससुराल कटैया में पुलिस लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
