देवाधिदेव भगवान शिव के प्रिय श्रावण मास के दूसरे सोमवार को समूचे उत्तर प्रदेश में आस्था का समंदर हिलोरें मारता दिखायी पड़ा। वाराणसी, प्रयागराज, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, अयोध्या और कानपुर समेत समूचे राज्य में तड़के से ही शिवालयों में भक्तों की चहल पहल शुरु हो गई। बेल पत्र, धतूरा, पुष्प, चंदन, दीप आदि से श्रद्धालु भोलेनाथ का दर्शन पूजन कर रहे हैं।


गंगा जल से किया जलाभिषेक 

इस दौरान कांवड़ियों ने दूरस्थ क्षेत्रों से गंगा जल और अन्य पवित्र नदियों का जल लाकर अपने आराध्य का जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिये कई देव स्थानों पर पुलिस बल के अलावा ड्रोन और सीसीटीवी की मदद ली जा रही है। बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक और दर्शन के लिए तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग चुकी थीं। मंगला आरती के बाद दर्शन-पूजन और जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हो गया। ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा।


पुष्प वर्षा के साथ हुआ कांवड़ियों का स्वागत 
पुष्प वर्षा के साथ कांवड़ियों और श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। श्रृंगार आरती में भक्तों को देवाधिदेव महादेव गौरी-शंकर (शिव-पार्वती) स्वरूप के दर्शन प्राप्त होंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में रेड कारपेट बिछाया गया है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें निगरानी कर रही हैं। नौकाओं का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है। सुरक्षा के लिए आठ ड्रोन और 600 सीसीटीवी कैमरों से भी नजर रखी जा रही है।


शिवालयों में विधि विधान से हुआ दर्शन पूजन 
गाजियाबाद में दुग्धेश्वर महादेव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गयी थीं वहीं लखनऊ में मनकामेश्वर और बुद्धेश्वर समेत अधिसंख्य शिवालय हर हर महादेव के जयघोष से गूंजते रहे। कानपुर में आनंदेश्वर, सिद्धेश्वर, वनखंडेश्वर, नागेश्वर मंदिर समेत कई छोटे बड़े शिवालयों में भक्तों ने विधि विधान से भगवान शंकर का दर्शन पूजन किया। 

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