उत्तर प्रदेश का संभल जनपद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. नेजा मेला कमेटी ने मेला लगाने का ऐलान किया है, जिसके बाद यहां हलचलें तेज हो गई हैं. 24 नवंबर 2024 में संभल हिंसा के बाद प्रशासन बीते साल नेजा मेला नहीं लगने दिया था, जिसके बाद नेजा मेला मामले में पिटीशन दायर करने की भी चर्चा तेज हो गई हैं.
नेजा मेला कमेटी के इस साल फिर से होली के बाद लगने वाले नेजा मेले के आयोजन का ऐलान किया है. इसके लिए कमेटी की ओर से मेले के आयोजन की तारीखों की भी घोषणा कर दी गई है. मेले के आयोजन के लिए कमेटी में इलाहाबाद हाईकोर्ट में पिटीशन दायर करने की चर्चाएं भी सामने आई हैं.
कमेटी ने किया नेजा मेला लगाने का ऐलान
इस पूरे मामले पर मेला कमेटी के पदाधिकारी से बात करने पर उन्होंने बताया कि मेला कमेटी की ओर से मेले के आयोजन को लेकर ऐलान कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि 10 मार्च को नेजा मेले का झंडा यानी कि नेजा गाड़ा जाएगा और बाकी के तीन दिन मेले का आयोजन होगा. इस ऐलान के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है हालांकि इस पूरे मामले की जानकारी संभल के जिला अधिकारी को दे दी गई है.
बता दें कि संभल में हर साल महमूद गजनवी के भांजे और सेनापति सैयद सालार मसूद गाजी की स्मृति में मनाया जाता है. ये मेला होली के बाद तीन दिन तक चलता है. इसका ऐतिहासिक कनेक्शन भी है. कमेटी का दावा है कि ये मेला एक हजार सालों से लगता चला आ रहा है. लेकिन संभल हिंसा के बाद इस पर प्रशासन की ओर से रोक लगा दी गई थी.
2025 में प्रशासन ने लगा दी थी रोक
बीते साल 2025 में संभल प्रशासन ने नेजा मेले को लेकर सख्त रुख़ अपनाया था. प्रशासन ने हिंसा के बाद संभल में उपजे सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए सुरक्षा कारणों से भी इस पर रोक लगा दी थी. प्रशासन ने दलील दी कि किसी आक्रांता के नाम पर यहां मेला नहीं लगने दिया जाएगा. वहीं मेला कमेटी की दलील है कि इस मेले पर रोक लगने की वजह से स्थानीय व्यापारियों की आजीविका पर गंभीर संकट बन गया है.
