ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने धर्मांतरण और लव जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका काम गैर-कानूनी धर्मांतरण है, लेकिन इसी तरह हिंदू बाबाओं द्वारा कराए जा रहे धर्म परिवर्तन को ‘घर वापसी’ कहकर सही ठहरा दिया जाता है, जो दोहरी मानसिकता को दर्शाता है।

धर्मांतरण पर दो मापदंड: मौलाना
मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि अगर छांगुर बाबा को धर्मांतरण के लिए सजा दी जा रही है, तो उसी आधार पर ‘घर वापसी’ कराने वाले लोगों को भी वही सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर दोहरा रवैया अपनाया जा रहा है, जो संविधान और इंसाफ के खिलाफ है।

लव जिहाद पर क्या बोले मौलाना?
लव जिहाद के मुद्दे पर मौलाना ने साफ कहा कि मुस्लिम युवाओं द्वारा पहचान छिपाना, माथे पर टीका लगाना या हाथ में कलावा पहनना शरीयत के खिलाफ है। गैर-मुस्लिम लड़कियों से प्रेम संबंध बनाना भी इस्लामी कानूनों के खिलाफ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रेम संबंध ‘लव जिहाद’ की साजिश नहीं हैं, बल्कि ये जवानी में की गई व्यक्तिगत गलतियां हैं।

‘लव जिहाद कोई संस्था या संगठित साजिश नहीं’
मौलाना ने कहा कि इस्लाम में जबरन धर्म परिवर्तन की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवाओं और हिंदू लड़कियों के बीच जो प्रेम संबंध बन रहे हैं, उन्हें ‘लव जिहाद’ का नाम देना अनुचित और राजनीतिक एजेंडा है। उन्होंने साफ किया कि यह कोई संगठित योजना या साजिश नहीं है, बल्कि समाज में हर धर्म के युवाओं के बीच प्यार-मोहब्बत एक सामान्य बात है, जो कभी-कभी गलत दिशा में भी जा सकती है।

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