रमजान के पवित्र महीने के मौके पर बीते बुधवार को रांची स्थित प्रदेश कांग्रेस भवन में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ मांगी गई। कार्यक्रम में कांग्रेस और गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।

नेताओं ने राज्य में शांति और भाईचारे की मांगी दुआ
दरअसल, बीते बुधवार को रांची में प्रदेश कांग्रेस भवन में दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व झारखंड प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन मंजूर अंसारी ने किया। इफ्तार में झारखंड की खुशहाली, शांति और आपसी सौहार्द्र के लिए दुआ की गई। इस मौके पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, डॉ. इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय और जेएमएम के मंत्री हफीजुल हसन समेत गठबंधन के कई नेता मौजूद रहे।

“रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना”
इफ्तार पार्टी के दौरान रांची महानगर कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष हुसैन खान ने सभी मेहमानों और रोजेदारों का टोपी और गमछा देकर स्वागत किया। इफ्तार से पहले मौलवी ने दुआ पढ़ी और झारखंड में शांति, अमन और तरक्की के लिए प्रार्थना की गई। इस अवसर पर मंजूर अंसारी ने कहा कि कांग्रेस भवन में आयोजित इफ्तार पार्टी में गंगा-जमुनी तहजीब की झलक देखने को मिली। उन्होंने कहा कि सभी धर्म और समाज के लोग मिलकर त्योहार मनाते हैं, यही हमारी साझा संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि रमजान का महीना रहमत, बरकत और मगफिरत का महीना होता है और इस दौरान रोजा रखकर इबादत के साथ जरूरतमंदों की मदद करना भी इस्लाम की अहम शिक्षा है।

“रोजा रखने से आत्मिक शुद्धि होती है”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि रमजान का महीना संयम, सब्र और इंसानियत का संदेश देता है। रोजा रखने से आत्मिक शुद्धि होती है और स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है। इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष शमशेर आलम, गौसेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह, कार्यालय प्रभारी अभिलाष साहु, राजन वर्मा, मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, मीडिया चेयरमैन सतीष पौल मुंजनी, सोनाल शांति, राकेश किरण महतो, सूर्यकांत शुक्ला, सतीश केडिया, उमेश गुप्ता, अख्तर अली, मो. हसनैन, अब्दुल कादरी, मो. फिरोज, मो. सफार और शहीद अंसारी समेत रांची शहर के सैकड़ों रोजेदार मौजूद रहे।

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