प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रॉब जेटन के बीच द हेग में हुई अहम बैठक के बाद भारत और नीदरलैंड ने अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) यूरोप के चार देशों की यात्रा के तहत दो दिन के दौरे पर नीदरलैंड पहुंचे थे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर भी हुए। PM मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत और नीदरलैंड के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और जिम्मेदार वैश्विक सोच जैसी समानताएं हैं। उन्होंने जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, हरित ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने की जरूरत बताई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड को नवाचार, निवेश, रक्षा, सतत विकास और नई तकनीकों में मिलकर काम करना चाहिए। मोदी ने डच कंपनियों को भारत में निवेश के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की सबसे बड़ी विनिर्माण और नवाचार अर्थव्यवस्था बन रहा है। उन्होंने विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, एआई, सेमीकंडक्टर और हेल्थ सेक्टर में निवेश की संभावनाओं का जिक्र किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लगातार व्यापार नियमों को आसान बना रही है और निजी कंपनियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। Netherlands के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन (Rob Jetten) ने भी भारत के साथ बढ़ते संबंधों की सराहना की और कहा कि दोनों देश भविष्य में और गहराई से साथ काम करेंगे। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वहीं नीदरलैंड भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक बन चुका है। दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द लागू करने पर भी जोर दिया।
