लखनऊ में पुलिस ने मिशन शक्ति 5.0 के लॉन्च होने के साथ ही महिला सुरक्षा को लेकर खास तैयारियां की हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एंटी रोमियो के इस फेज को शुरू किया गया है. इसमें हर जिले के प्रत्येक थाने में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं. इन केंद्रों का मकसद महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना और उनकी शिकायतों का निवारण करना है.

एजेंसी के अनुसार, मिशन शक्ति के तहत महिलाओं को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा. इसके बाद पुलिस टीम तुरंत कार्रवाई के लिए तत्पर रहेगी. हर थाने में प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है. एंटी रोमियो टीमों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे भीड़भाड़ वाली जगहों पर प्रतिदिन भ्रमण करें, ताकि किसी भी प्रकार की महिला विरोधी गतिविधियों पर तुरंत नजर रखी जा सके.

डीसीपी लखनऊ कमलेश दीक्षित ने बताया कि मिशन शक्ति केंद्रों में तैनात सभी कर्मचारियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी गई है. इसके साथ ही प्रत्येक थाने में एमडीटी (मोबाइल डाटा टर्मिनल) उपलब्ध कराई गई है. सेफ सिटी सिस्टम से किसी भी अलर्ट या शिकायत मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी.

बालिकाओं के लिए स्कूल और कोचिंग संस्थानों में भी शिकायत पेटिका (सुझाव और शिकायत बॉक्स) लगाए गए हैं. इसके माध्यम से छात्राएं, महिलाएं और बच्चियां अपनी शिकायत या सुझाव दर्ज करा सकती हैं. इस फेज के शुरू होने के साथ ही लखनऊ पुलिस का उद्देश्य महिला अपराधों को नियंत्रित करना और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना है. मिशन शक्ति 5.0 की यह पहल न केवल क्राइम रोकने में मदद करेगी, बल्कि महिलाओं और बच्चियों को अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक भी बनाएगी.

लखनऊ पुलिस का मानना है कि केवल सड़कों पर गश्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि महिलाओं को शिकायत दर्ज कराने, सुरक्षित माहौल देने और तत्काल कार्रवाई करने वाली व्यवस्था भी जरूरी है. मिशन शक्ति केंद्रों और एंटी रोमियो टीमों का यह संयुक्त प्रयास महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है.

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