मुजफ्फरनगर में जमीयत उलेमा ए हिंद ने यूनिफॉर्म सिविल कोड को किसी भी सूरत में स्वीकार करने से इंकार किया है। जमीयत के बैनर तले उलेमाओं ने बैठक कर कहा कि खैरियत में किसी की भी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यूसीसी का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इस दिशा में सभी से विधि आयोग को अपनी-अपनी नाराजगी से अवगत कराने का आह्वान किया गया।

गुरुवार को जमीयत उलमा-ए-हिन्द जनपद की बैठक कैम्प कार्यालय मस्जिद नुमाइश कैम्प में जिलाध्यक्ष मौलाना कासिम कासमी की अध्यक्षता और जिला महासचिव मौलाना मुकर्रम कासमी के संचालन में हुई। बैठक के एजेंडो पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता UCC मुसलमान को मंजूर नहीं। सभी पदाधिकारीयों ने विस्तार से चर्चा करते हुए समान नागरिक संहिता को देश और संविधान विरोधी बताया।

जमीयत पदाधिकारीयों ने भारतीय विधि आयोग को UCC पर अपनी अपनी आपत्ति भेजने की अपील भी की गई। मौलाना क़ासिम ने कहा की देश का संविधान धर्मनिरपेक्ष है जो सभी धर्मों को अपने अपने धर्मानुसार जीने का हक देता है इसलिए हमारे देश में अनेकता में एकता की झलक हर जगह दिखाई देती है। मौलाना मुकर्रम ने कहा की सभी धर्मों के मानने वाले लोग यहां हजारों सालों से रह रहे हैं।

हाफ़िज़ शेरदीन ने कहा की जमीयत उलमा-ए-हिन्द समान नागरिक संहिता का बहुत पहले से विरोध कर रही है यह सरासर धर्म में दखलंदाजी है, जिसको स्वीकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मुसलमान इस्लाम को मानता है जिसमें महिलाओ एवं बच्चों को विभिन्न अधिकारों के साथ साथ रहन सहन आदि के तौर तरीकों को अच्छे से सिखाया गया है। उन्होंने कहा कि मुसलमान शरीयत को मानता है जिसमें किसी भी दखल अंदाजी को कुबूल नही किया जा सकता है।

वक्ताओं ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के इतिहास पर प्रकाश डालते कहा की जमीयत उलमा ने हमेशा बगैर किसी भेदभाव के मदद करती है और देशसेवा के लिए हमेशा समर्पित रहती है। मौलाना सादिक़, मौलाना नसीम, मौलाना ज़ुबैर रहमानी, क़ारी अहसान, मौलाना इनामुल्लाह, मुफ्ती मुजीबर्रेहमान, मुफ्ती दानिश, हकीम उम्मीद, क़ारी सलीम मेहरबान, मौलाना इसराईल, मुफ़्ती तनमीक, मौलाना उस्मान, मुफ़्ती नबी आदि मौजूद रहे।

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