सेना में भर्ती कराने के नाम पर डेढ-डेढ लाख रुपये लेकर दो युवकों की हत्या के मामले में कोर्ट ने एक अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जबकि अपराधिक षड़्यंत्र रचने के मामले में आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया है। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर 14 की न्यायाधीश रीमा मल्होत्रा की कोर्ट में हुई।
एडीजीसी किरणपाल कश्यप ने बताया कि 24 नवम्बर 2013 को शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव पीनना में दो युवकों के शव बरामद हुए थे। दोनों की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस को गांव के तत्कालीन ग्राम प्रधान रामधन ने सूचना दी थी। बाद में मृतकों की शिनाख्त विशाल उर्फ विक्की ठाकुर और विजय उर्फ बिट्टु निवासी गोगवान जलालपुर जनपद शामली के रूप में हुई थी। हत्या के मामले में पुलिस ने विवेचना करते हुए देवी सिंह उर्फ बबली और सुशील उर्फ सोनू निवासीगण गोगवान को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
एडीजीसी ने बताया कि इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर 14 की न्यायाधीश रीमा मल्होत्रा की कोर्ट में हुई। कोर्ट ने देवी सिंह उर्फ बबली को दोषी करार दिया, जबकि सुशील उर्फ सोनू को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। एडीजीसी ने बताया सेना भर्ती में नाम न आने पर पैसे मांगने पर दोनों युवकों की हत्या की गई थी। कोर्ट ने अभियुक्त देवी सिंह उर्फ बबली को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने उस पर 22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
