उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक गुरुवार को मेरठ दौरे पर थे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में वे मंच से बोलते हुए भावुक हो गए और रो पड़े। इस दौरान उन्होंने अपने संघर्ष और गरीबी के दिनों को याद किया। उनका रोते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा हो रही है। 

अपने संघर्ष को याद कर हुए भावुक
कवि सम्मेलन को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि वे खुद को उपमुख्यमंत्री नहीं, बल्कि गरीबों का सेवक मानते हैं। उन्होंने बताया कि आज जिस मुकाम पर वे पहुंचे हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी कठिनाइयों और गरीबी का सामना किया है। अपने पुराने दिनों को याद करते-याद करते वे इतने भावुक हो गए कि कुछ देर तक बोल नहीं पाए और उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। 

‘मैंने गरीबी को करीब से देखा है’
बृजेश पाठक ने कहा कि जब वे पहली बार पढ़ाई और राजनीति के सिलसिले में लखनऊ आए थे, तब कड़ाके की ठंड में उनके पास पहनने के लिए जूते तक नहीं थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने गरीबी को सिर्फ देखा नहीं, बल्कि उसे जिया है। इसलिए जब भी वे किसी गरीब को देखते हैं तो उनका मन दुखी हो जाता है। 

‘मुझे गरीब आदमी की पीड़ा अच्छी तरह समझ आती है’
उन्होंने आगे कहा कि गरीब व्यक्ति की पीड़ा को वे अच्छी तरह समझते हैं, क्योंकि वे खुद उसी रास्ते से गुजरकर यहां तक पहुंचे हैं। मंच पर जब डिप्टी सीएम भावुक होकर रोने लगे, तो वहां मौजूद लोग भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही उनका सबसे बड़ा उद्देश्य है। 

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