एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, देशभर से 6 मामले दर्ज हुए हैं, जिसमें फर्जी सरकारी वेबसाइट बनाने और करोड़ों रुपये की ठगी की बात सामने आई है। राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन (RGSM) के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। इस घोटाले में शामिल 3 आरोपियों ने सरकारी योजनाओं में नौकरी और लाभ का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठे।
घोटाले का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
रत्नाकर: घोटाले का मास्टरमाइंड, जिसने फर्जी वेबसाइट बनाई और पैसा इकट्ठा किया। रत्नाकर पर पहले से 12 मामले दर्ज हैं, जिनमें चीटिंग और रेप के मामले भी शामिल हैं।
अनिता: फर्जी RGSM की ट्रस्ट मेंबर, जिसके नाम पर बैंक खाता है।
सौरभ: स्टेट हेड, जिसने टेंडर के नाम से जारी किया था। सौरभ पर भी पहले से 2 मामले दर्ज हैं।
आरोपियों से ठगी की भारी रकम बरामद
पुलिस ने इस मामले में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें रत्नाकर, अनिता और सौरभ शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में दस्तावेज और ठगी की रकम बरामद की है। आरोपियों ने गाजियाबाद और उत्तमनगर में फ्लैट खरीदे और गाड़ी भी खरीदी।
फर्जी IAS अफसर से लेकर फेक टेंडर, ऐसे ऐठें करोड़ों रुपये
पूरे देश मे कई पीड़ितों को ठगा है। भारत सरकार के नाम से वेबसाइट बनाई गई। RGSM नाम से वेबसाइट बनाई, टेंडर मंगवाया, समान डिलीवरी भी किया। स्टाम्प ड्यूटी भी लिया, कॉमिशन के नाम पर पैसा भी लिया और ठगा। भारत सरकार का के टेंडर के नाम से टेंडर जारी किया। बाराखंबा में मीटिंग भी हुई, मीटिंग में फर्जी लोगो को IAS अफसर बनाया। टेंडर के लिए समान भी मंगवा किया, लेकिन पैसा रिलीस करने के लिए भी पैसे मांगे।
पीड़ितों की संख्या और आर्थिक नुकसान
अभी तक 15 पीड़ित पुलिस के पास आ चुके हैं, लेकिन पीड़ितों की संख्या काफी ज्यादा हो सकती है। इस घोटाले में 60 से 70 करोड़ रुपये का फ्रॉड सामने आया है, जिसमें 6 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने 45 हजार स्कूल यूनिफार्म बरामद की हैं, जिनकी कीमत डेढ़ करोड़ रुपये है। यह घोटाला साइबर अपराध और आर्थिक अपराध के बढ़ते मामलों को उजागर करता है, जिसमें लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है। पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है।
