भाजपा जिलाध्यक्षों की चयन प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। उत्तराखंड में भाजपा ने पहले चरण में 19 जिलाध्यक्षों के लिए पैनल तैयार किया है। उत्तराखंड में भाजपा मंडल अध्यक्षों के नामों का ऐलान पूर्व में ही हो चुका है। पार्टी ने 18 फरवरी तक मंडल अध्यक्ष जबकि 28 फरवरी तक जिलाध्यक्षों के चयन का लक्ष्य रखा था। लेकिन जिलाध्यक्षों के चयन में कुछ देरी हो गई है। इधर, अब संगठनात्मक चुनावों की प्रक्रिया के तहत भाजपा ने मार्च पहले सप्ताह में सभी जिलों के अध्यक्षों का नाम फाइनल करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी जिलों से पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट मांगी गई थी। राय सुमारी के आधार पर तैयार की गई इस रिपोर्ट पर रविवार को पार्टी की स्क्रीनिंग कमेटी ने विचार किया, जिसके आधार पर अब तीन-तीन नामों का पैनल गठित कर लिया गया है। अब इसी सप्ताह प्रदेश स्तर से सभी जिलों के अध्यक्षों के नामों घोषणा हो जाएगी। इसके साथ ही दावेदारों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि तमाम दावेदार जिलाध्यक्ष बनने के लिए तिकड़म बैठाने में जुटे हुए हैं। इधर, भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह के मुताबिक रविवार को हुई पार्टी की बैठक में 19 जिलों के लिए पैनल गठित कर दिए गए हैं। शेष जिलों के लिए अगले एक दो दिन में पैनल गठित करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। सभी जिलों के लिए पैनल बनने के बाद जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान कर कर दिया जाएगा।
भाजपा ने जिलाध्यक्ष चयन के लिए इस बार नया फार्मूला तय किया है। इसके तहत किसी भी दावेदार को तीसरा मौका नहीं दिया जाएगा। इसी के चलते कई दिग्गज जिलाध्यक्ष की रेस से पहले ही बाहर हो चुके हैं। इसके अलावा भाजपा 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को जिलाध्यक्ष नहीं बनाएगी। साथ ही खराब छवि वालों को भी इस पद पर नहीं बैठाएगी। बता दें कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव अभी तक न होने की वजह से अब राज्य में भी प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होगी।
