हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई भगवान का चमत्कार ही मान रहा है। डलहौजी थाना क्षेत्र के बनीखेत-खेरी मुख्य मार्ग पर दो दिन पहले एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें एक मारुति कार गहरी खाई में गिर गई थी। इस हादसे में 26 वर्षीय युवक करण की मौके पर ही मौत हो गई थी, लेकिन उसके 15 वर्षीय चचेरे भाई सुमित को 40 घंटे बाद सुरक्षित बचा लिया गया। जानकारी के अनुसार, करण और सुमित बगढार से बनीखेत की ओर आ रहे थे। बडेरू नाडु के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।

देर रात जब दोनों युवक घर नहीं पहुंचे, तो परिजनों ने सोचा कि शायद वे कहीं रुक गए होंगे। लेकिन जब उनका दूसरे दिन कोई पता नहीं चला और दोनों के मोबाइल फोन भी नेटवर्क से बाहर मिले, तो परिवार की चिंता बढ़ गई। परेशान होकर परिजनों ने सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें साझा कर मदद मांगी और पुलिस को भी सूचना दी। मंगलवार को परिजनों ने खुद ही तलाश शुरू की। घटनास्थल के पास पेड़ों पर ताजे खरोंच के निशान और कार की नंबर प्लेट देखकर उन्हें हादसे का शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया और खुद खाई में उतर गए। कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें क्षतिग्रस्त कार मिली। कार के पास ही करण का शव पड़ा था, लेकिन सुमित वहां नहीं था। सुमित की पहचान छनुई के बगढार निवासी के रूप में हुई है।

इसके बाद, स्थानीय पुलिस, अग्निशमन विभाग और ग्रामीणों ने मिलकर एक बड़ा तलाशी अभियान चलाया। लगभग 40 घंटे बाद, अविश्वसनीय रूप से, सुमित को गंभीर हालत में सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। वह इतने लंबे समय तक खाई में फंसा रहा था और बुरी तरह घायल था, लेकिन जिंदा था। उसे तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से डलहौजी अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच कर रही है। यह घटना न सिर्फ एक दुखद दुर्घटना है, बल्कि सुमित के बचने की कहानी किसी चमत्कार से कम नहीं है। यह दिखाता है कि कैसे मुश्किल परिस्थितियों में भी उम्मीद बनी रह सकती है।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights