छत्तीसगढ़ के बीजापुर में शुक्रवार को सुरक्षाबलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश नाकाम करते हुए 45 किलो आईईडी को पूरे एहतियात के साथ डिफ्यूज कर दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की सुबह सीआरपीएफ बटालियन की टीम पालनार कैंप से गश्ती के लिए निकली थी। इसी दौरान उन्हें चेरपाल-पालनार मार्ग पर कुछ संदिग्ध मिला। जांच में पाया गया कि ये सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए बारूदी सुरंग बिछाई गई थी।

जांच के दौरान 45 किलो आईईडी बरामद किया गया, जिसे सुरक्षा पूर्वक नष्ट कर दिया गया। बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए आईईडी चेरपाल-पालनार मार्ग में लगाया था।

दूसरी ओर, दंतेवाड़ा और बीजापुर के सरहद के पास हुई मुठभेड़ में मारे गए बड़े नक्सली लीडर से बरामद पत्र से कई बातों का खुलासा हुआ है। इसमें माड़ इलाके में नक्सलियों ने ग्राम सभा कर 130 से ज्यादा युवाओं को संगठन में भर्ती कराए जाने का जिक्र है। इसमें 18 से 22 साल के करीब 50, 14 से 17 साल के करीब 40 और 9 से 10 साल के बीच करीब 40 बच्चे नक्सल संगठन में भर्ती हुए हैं।

बता दें कि नक्सली लीडर पर 25 लाख रुपए का इनाम था और उसकी पहचान सुधाकर उर्फ मुरली के तौर पर हुई थी। 25 मार्च को सुरक्षा बलों के साथ एनकाउंटर में मारा गया था।

इसके पास से पुलिस ने एक पत्र बरामद किया था, जिसमें नक्सल संगठन में नए लड़ाकों की भर्ती और उन्हें लड़ाई के गुर सिखाने, हथियार चलाने, आईडी बनाने के तरीके सिखाने की बात लिखी हुई है।

पत्र के मुताबिक, कुछ दिन पहले नक्सलियों की उत्तर बस्तर ब्यूरो में हाई लेवल मीटिंग हुई थी। इसमें नक्सल संगठन के काम, नुकसान, कामयाबी और चुनौतियों की समीक्षा की गई और उसकी रिपोर्ट तैयार की गई।

इसमें नक्सल संगठनों की फिक्र का भी उल्लेख है। साफ जाहिर हुआ कि संगठन को इस बात का कष्ट है कि नए लड़ाके अब भर्ती नहीं हो रहे हैं। युवक-युवतियों को संगठन में भर्ती करवाना मुश्किल हो गया है।

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