बिहार के कई जिलों में रुक-रुककर हुई बारिश से खेतों में पानी दिखाई देने लगा है और किसान खेतों में उतर गए हैं।

बिहार के कई इलाकों में पिछले एक सप्ताह में हुई बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे और खेतों में धान की रोपाई शुरू हो गई है। बिहार के कई जिलों में रुक-रुककर हुई बारिश से खेतों में पानी दिखाई देने लगा है और किसान धान की रोपनी करने खेतों में उतर गए हैं।

इसके पहले बारिश न होने से किसान परेशान थे। कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश से धान की मुरझाती फसल को संजीवनी मिल गई है। जिन इलाकों में अभी तक धान की रोपाई नहीं हो रही थी, वहां भी शुरू हो गई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में तेजी से धान रोपनी का कार्य चल रहा है। आंकड़ों के अनुसार, रविवार तक राज्य में 31.63 लाख हेक्टेयर भूमि पर धान की रोपनी हो चुकी है। लक्ष्य करीब 35 लाख 97 हजार हेक्टेयर रखा गया है।

कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार तक रोहतास जिले में 2.03 लाख, पूर्वी चंपारण में 1.78 लाख, पश्चिम चंपारण में 1.24 लाख, अररिया में 1.15 लाख, पूर्णिया में 0.99 लाख, कटिहार में 0.94 लाख व गोपालगंज में 0.89 लाख हेक्टेयर में धान की रोपनी हुई है।

प्रमंडल की बात करें तो पूर्णिया में करीब 100 प्रतिशत धान की रोपनी हो चुकी है जबकि सहरसा में 99, सारण में 97, तिरहुत में 94, पटना में 92, दरभंगा में 88, मुंगेर में 72 प्रतिशत ही धान की भागलपुर प्रमंडल में अभी मात्र 63 फीसदी ही धान की रोपनी हुई है।

सरकार पहले ही धान, मक्का, आलू, सोयाबीन के साथ सब्जी फसल में होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सहायता देने की घोषणा कर चुकी है।

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