पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन (पावरकॉम) ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका दिया है। अब नए बिजली मीटर के लिए आवेदन सुविधा केंद्रों के जरिए नहीं किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को खुद ही ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से नए मीटर के लिए अप्लाई करना होगा, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार इससे पहले लुधियाना में सीएमसी डिवीजन, सिटी सेंटर, फोकल प्वाइंट, अग्र नगर और जनता नगर स्थित पांच सुविधा केंद्रों में तैनात कर्मचारी उपभोक्ताओं के बिजली मीटर के आवेदन से लेकर सिक्योरिटी राशि जमा करवाने और अन्य औपचारिकताएं पूरी करवाते थे। इससे कम पढ़े-लिखे और कंप्यूटर या ई-पेमेंट की जानकारी न रखने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता था। मौजूदा समय में करीब 95 फीसदी लोगों को ऑनलाइन मीटर आवेदन की प्रक्रिया की पूरी जानकारी नहीं है। इसके कारण कई उपभोक्ताओं के आवेदन विभाग द्वारा स्वीकार नहीं किए जा रहे और विभिन्न आपत्तियों के चलते उनके घरों, दुकानों और अन्य स्थानों पर नए मीटर नहीं लग पा रहे हैं।
लोगों को कहां हो रही है परेशानी
अब आवेदनकर्ताओं को सिंगल विंडो पोर्टल पर पहले अपनी नई आईडी बनानी पड़ रही है, जो आम लोगों के लिए काफी मुश्किल साबित हो रही है। विभाग की वेबसाइट का सिस्टम स्लो होने के कारण दस्तावेज अपलोड करने में भी दिक्कत आ रही है। दस्तावेज अपलोड होने के बाद फाइल पहले पावरकॉम के रेवेन्यू अधिकारी के पास जाती है, जहां त्रुटि पाए जाने पर फाइल रद्द कर दी जाती है। इसके बाद फाइल संबंधित एसडीओ के पास जांच के लिए जाती है। सूत्रों के मुताबिक कुछ मामलों में एसडीओ स्तर पर फाइलें जानबूझकर लटकाने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यदि कोई उपभोक्ता स्टांप पेपर के जरिए अपने बेटे या पति के नाम पर नया कनेक्शन लगवाने की फाइल जमा कराता है तो कई बार उसे भी रिजेक्ट कर दिया जाता है।
रिश्वतखोरी बढ़ने की आशंका
माना जा रहा है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामले बढ़ सकते हैं। कंप्यूटर और ई-पेमेंट की जानकारी न रखने वाले लोग अपने काम के लिए साइबर कैफे या बिचौलियों का सहारा लेने को मजबूर होंगे, जो उनसे मनमानी फीस वसूल सकते हैं। सूत्रों के अनुसार विभाग के उच्च अधिकारियों ने यह सख्त कदम हाल ही में अग्र नगर डिवीजन में सामने आए बिजली मीटर फर्जीवाड़े के बाद उठाया है। हालांकि नई व्यवस्था से आम उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
