भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर बीते रविवार को बलरामपुर के महारानी लाल कुंवरि महाविद्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अटलजी की प्रपौत्री अंजली मिश्रा की ओर से आयोजित किया गया था। इस मौके पर कई गणमान्य लोग शामिल हुए, जिनमें पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, भाजपा अवध क्षेत्र के अध्यक्ष कमलेश मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल, और कई अन्य जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अटल जी को दी गई श्रद्धांजलि
सभा में सभी वक्ताओं ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व और राजनीतिक जीवन को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूर्व सांसद दद्दन मिश्र ने अटल जी को ‘भारतीय राजनीति का अजातशत्रु’ बताया और कहा कि उन्होंने सौभाग्य माना कि उन्हें अटल जी की कर्मस्थली पर सेवा का मौका मिला। भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी अटल जी ने कभी हार नहीं मानी। आज बलरामपुर उन्हीं के नाम से जाना जाता है।

बृजभूषण सिंह का विवादित बयान
इस कार्यक्रम में आए पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह, जो अपने विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं ने एक बार फिर विवादास्पद टिप्पणी कर दी। उन्होंने योग गुरु बाबा रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पंतजलि ऋषि के नाम पर बाबा रामदेव अपना धंधा चला रहे हैं, वह बलरामपुर से जुड़े हुए थे। उनकी यह टिप्पणी करते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। यह बयान अब चर्चा का विषय बन गया है।

अटल जी से जुड़ी यादें भी कीं साझा
बृजभूषण शरण सिंह ने अटल जी को ‘महामानव’ बताया और कहा कि वे कभी भी परिस्थितियों से विचलित नहीं होते थे। उन्होंने 2002 की एक घटना साझा करते हुए बताया कि जब तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने गोंडा जिले का नाम बदल दिया था, तो अटल जी ने उनके आग्रह पर उस फैसले को रद्द करवा दिया था।

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