यूपी के बरेली में पुलिस पर पथराव के बाद से प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (आईएमसी) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद अब उनके सहयोगियों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। प्रशासन ने अब मौलाना के 2 और सहयोगियों पर कार्रवाई की है।

शहर में हाल ही में हुई हिंसा से जुड़े अवैध निर्माणों पर चल रही कार्रवाई के तहत बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने मौलाना तौकीर रजा के सहयोगी मोहम्मद फरहत खान के घर और नौमहला मस्जिद स्थित मोहम्मद नदीम की दुकानों को सील कर दिया। बताया जा रहा है कि फरहत खान ने ही मौलाना तौकीर को शरण दी थी। बीडीए ने गुरुवार तक समय देकर मकान खाली करने का नोटिस दिया था। सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने मकान को सील करा दिया।

बरेली हिंसा के आरोपी हैं दोनों

बरेली के मोहम्मद फरहत खान और मोहम्मद फरहत खान मौलाना तौकीर रजा खान के करीबी सहयोगी हैं। दोनों व्यक्ति 26 सितंबर को ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर भड़की बरेली हिंसा के आरोपी हैं। इन्हें बरेली हिंसा के पीछे एक प्रमुख व्यक्तियों के रूप में पहचाना गया है।

पहले ही जेल में हैं मुख्य आरोपी रजा

बता दें कि 26 सितंबर को बरेली में हुई हिंसा और बवाल के आरोप में मौलाना तौकीर रजा, आईएमसी महासचिव डॉ. नफीस खां और नदीम खान को पुलिस पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। कोर्ट ने उन्हें जेल भी भेज दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर चुका है कि उपद्रवियों और हिंसा के साजिशकर्ताओं की अवैध संपत्तियों को निशाना बनाएगा।

अब तक 81 लोग गिरफ्तार

यूपी पुलिस ने 30 सितंबर को हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के राष्ट्रीय महासचिव नफीस खान और उनके बेटे फरमान खान को गिरफ्तार किया था, जिससे इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 81 हो गई। नफीस मौलाना तौकीर रजा का सहयोगी है, जिसे पहले भी पथराव मामले में मुख्य साजिशकर्ता के रूप में गिरफ्तार किया गया था। रजा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

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