छत्तीसगढ़ में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। इस बार के बजट में मोदी की गारंटी को पूरा करने के लिए कई प्रावधान किए गए हैं। यही वजह है कि इस बार के नए बजट के आकार में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि होगी। बताया जाता है कि इस बार के बजट में नए उद्योग, स्वास्थ्य और शिक्षा पर ज्यादा फोकस रहेगा। इसके अलावा महिलाओं और युवाओं को ध्यान में रखकर भी बजट का खाका तैयार किया जाएगा।
मंत्रियों की पसंद को भी मिलेगा महत्व
बजट की तैयारियों को लेकर वित्त विभाग ने समयबद्ध कार्यक्रम जारी किया है। इसकी शुरुआत 8 सितम्बर से हो गई है। बजट तैयार करने से पहले वित्त विभाग सभी विभाग के अध्यक्षों और सचिवों से चर्चा करेगा। इसमें नए प्रस्तावों पर अलग से चर्चा होगी, ताकि बजट में उसके लिए राशि का प्रावधान किया जा सके। 14 नवम्बर तक प्रदेश के सभी विभागों को बजट का प्रस्ताव भेजना होगा।
इस बार के बजट में मंत्रियों की पसंद को भी पूरा महत्व दिया जाएगा। यही वजह है कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी 5 से 16 जनवरी के बीच सभी मंत्रियों से विभागवार चर्चा करेंगे। इसमें आम जनता से जुड़ी प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी। इसके बाद ही बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
ऐसे तैयार होगा बजट
- 15 सितंबर 2025- सभी विभागों को 31 मार्च 2025 की स्थिति में उपलब्ध वाहनों, दूरभाष एवं कम्प्यूटरों की सूची तथा स्वीकृत पद संरचना एवं परिसंपत्तियों की जानकारी ऑनलाइन व हार्ड कॉपी में वित्त विभाग को देना होगा।
- 13 अक्टूबर 2025- राजस्व प्राप्तियां व वसूली के बजट अनुमान 2026-2027 के बजट प्रस्ताव वित्त विभाग में प्राप्त करने की अंतिम तिथि।
- 3 नवंबर 2025- राजस्व प्राप्तियां व वसूली के बजट प्रस्ताव पर संबंधित विभागों के सचिव एवं विभागाध्यक्षों के साथ चर्चा।
- 14 नवंबर 2025- बजट प्रस्ताव वर्ष 2026-2027 के वित्त विभाग में प्राप्त होने की अंतिम तिथि।
- 1 से 17 दिसंबर 2025- सचिव एवं विभागाध्यक्ष स्तरीय संयुक्त बजट चर्चा सचिव, वित्त द्वारा विभागीय सचिवों एवं विभागाध्यक्षों के साथ बजट प्रस्ताव के निरंतर व्यय की मंदों पर चर्चा की जाएगी। नवीन मद के प्रस्ताव पर चर्चा होगी किन्तु अंतिम रूप मंत्री स्तरीय चर्चा में दिया जाएगा।
- 2 जनवरी 2026- वित्त मंत्री के बजट भाषण के लिए सामग्री परिणामी, जेंडर तथा आफ बजट 2026-2027 प्राप्त होने की अंतिम तिथि
- 5 से 16 जनवरी 2026- वित्त मंत्री द्वारा अन्य विभागों के मंत्रियों से बजट प्रस्तावों पर चर्चा करेंगे
ऐसे बढ़ रहा बजट का आकार
वर्ष राशि (करोड़ में)
2001-02 5705
2010-11 24685
2020-21 95650
2024-25 147446
2025-26 165000
पहली बार अनुपूरक बजट नहीं आया
राज्य सरकार हर साल विधानसभा के मानसून सत्र में अनुपूरक बजट लाती है। इसके बाद शीतकालीन और मुख्य बजट सत्र के दौरान पर अनुपूरक बजट पेश किया जाता है। इस बार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान पहली बार अनुपूरक बजट नहीं पेश किया था।
