सहारनपुर: उत्तर प्रदेश का एक शहर है, देवबंद। जनसंख्या के लिहाज से देवबंद वैसे तो काफी छोटे शहरों में गिना जाता है लेकिन यह चर्चा में हमेशा रहता है। दारुल उलुम देवबंद एक और फतवा जारी कर चर्चा में आ गया है। भारत में कथित इस्लामिक शिक्षा के केंद्र दारुल उलुम देवबंद ने गजवा ए हिन्द (भारत पर आक्रमण) को मान्यता देने वाला फतवा जारी किया है। दारूल उलूम देवबंद ने अपनी वेबसाईट के माध्यम से ये फतवा जारी किया है। इसमें कहा गया है कि गज़वा ए हिन्द में मरने वाले महान बलिदानी होंगे। दरअसल, इस्लामिक दृष्टिकोण से  गजवा ए हिन्द को वैध बताया गया है।

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इसमें सुन्न अल नसा नाम की किताब का जिक्र करते हुए कहा गया है कि इस किताब में गजवा ए हिन्द को लेकर एक पूरा चैप्टर है। जिसमें बताया हजरत अबू हुरैराह ने हडीथ के बारे में बताते हुए कहा है कि अल्लाह के मैसेंजर ने ‘भारत पर हमला’ करने का वादा किया था। अगर मैं जिंदा रहा तो इसके लिए मैं खुद और अपनी धन सम्पदा को कुर्बान कर दूंगा। मैं सबसे महान बलिदानी बनूंगा। इसमें इस बात का भी जिक्र किया गया है कि देवबंद की मुख्तार कंपनी ने इस किताब को प्रिंट किया है।

वहीं इस मामले में एक्शन लेते हुए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने सहारनपुर जिले के डीएम और एसपी को एक नोटिस जारी कर इस मामले में FIR दर्ज करने को कहा है। एनसीपीआर ने कहा है कि दारुल उलुम देवबंद मदरसे में बच्चों को भारत विरोधी शिक्षाएं दे रहा है। इससे इस्लामिक कट्टरपंथ को बढ़ावा मिल रहा है। आयोग ने इस किशोर न्याय अधिनियम की धारा 75 का उल्लंघन करार दिया है। NCPCR ने सीपीसीआर अधिनियम की धारा 13 (1) टीजे) के तहत मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा है कि इस तरह के फतवे की सामग्री से देश के खिलाफ नफरत फैल सकती है। इसके साथ ही NCPCR ने चेताया है कि जल्द ही इसको लेकर कोई एक्शन नहीं लिया गया तो खुद जिला प्रशासन भी समान रूप से इसके लिए जिम्मेदार होगा।
NCPCR के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने कहा कि दारुल उलुम देवबंद में बच्चों को ये पढ़ाया जा रहा है कि किस तरह से ‘गजवा ए हिन्द’ किया जाए। जो भी गजवा ए हिन्द के लिए अपनी जान देगा वो सर्वोच्च बिलदानी कहा जाएगा। ये संस्था पूरे दक्षिण एशिया में मदरसों को संचालित करती है। इस तरह से बच्चों को भारत पर हमले के लिए उकसाना बहुत ही खतरनाक है। इस मामले में हमने जिला प्रशासन से देश द्रोह की धाराओं के तहत केस दर्ज करने को कहा है।

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