–बोले – साथ जीने-मरने की खाई है कसमें”
मुजफ्फरनगर। प्यार की डोर में बंधे एक प्रेमी युगल को अब अपने ही लोगों के गुस्से और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। जनपद शामली के कस्बा कांधला के मोहल्ला शेखजादगान निवासी आसिफ और आयशा सलमानी ने समाज की तमाम बंदिशों को पीछे छोड़ते हुए 11 मार्च को गाजियाबाद में कोर्ट मैरिज कर अपने रिश्ते को कानूनी पहचान दे दी। लेकिन इस फैसले के बाद दोनों की जिंदगी में डर और अनिश्चितता का साया मंडराने लगा है।
मुजफ्फरनगर मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान आसिफ और आयशा ने भावुक होकर अपनी आपबीती सुनाई। दोनों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शामली जिला प्रशासन से सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। आयशा सलमानी ने आरोप लगाया कि उनके परिजन पिता नसीम, चाचा नईम और भाई अमन समेत अन्य रिश्तेदार लगातार दबाव बना रहे हैं और आसिफ पर झूठा किडनैपिंग का आरोप लगाकर उन्हें अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। आयशा ने कहा कि यह सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। प्रेस वार्ता के दौरान आयशा की आंखों में आंसू और आवाज में दृढ़ता साफ झलक रही थी। उन्होंने बताया कि वह आसिफ को करीब दस वर्षों से जानती हैं। लंबे समय से चले आ रहे इस रिश्ते में दोनों ने हर मुश्किल में एक-दूसरे का साथ देने का वादा किया था। इस दौरान आयशा ने कहा है कि हम दोनों बालिग हैं और अपने अच्छे-बुरे की समझ रखते हैं। हमने किसी के दबाव में नहीं बल्कि अपनी मर्जी और आपसी सहमति से कोर्ट मैरिज की है। हमने साथ जीने-मरने की कसमें खाई हैं और अब हमें बस सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार चाहिए। वहीं आसिफ ने भी कहा कि वह केवल अपने प्यार और रिश्ते को सम्मान के साथ जीना चाहते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उन्हें सुरक्षा दी जाए ताकि वे बिना डर और खतरे के अपनी नई जिंदगी की शुरुआत कर सकें। प्रेम की यह कहानी जहां एक ओर दो दिलों के अटूट विश्वास की मिसाल बन रही है, वहीं दूसरी ओर चिंता का विषय है कि क्या आज भी प्यार करने वालों को अपनी जिंदगी बचाने के लिए सुरक्षा की गुहार लगानी पड़ेगी।
फोटो परिचय–प्रेस वार्ता के दौरान सुरक्षा की गुहार लगाते हुए प्रेमी युगल
