देश में महंगाई का दौर एक बार फिर तेज हो गया है। केंद्र सरकार और तेल कंपनियों (OMCs) ने आज ईंधन की कीमतों में बड़ा फेरबदल किया है। एक तरफ जहां वाहन चलाना महंगा हो गया है वहीं दूसरी तरफ रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका भी गहरा गई है।
जानें आज से क्या-क्या हुआ महंगा?
शुक्रवार सुबह तेल कंपनियों ने ईंधन के नए रेट जारी किए। पेट्रोल और डीजल दोनों ईंधनों की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। वहीं सीएनजी की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। दामों में इस अचानक वृद्धि ने आम आदमी की जेब पर सीधा बोझ डाल दिया है।
क्या अब बढ़ जायेंगे LPG सिलेंडर के दाम?
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी के दाम बढ़ने के बाद अब सबकी नजरें घरेलू एलपीजी (14.2 किग्रा) सिलेंडर पर हैं। बता दें कि मार्च में सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़ाए गए थे जिसके बाद से कीमतें स्थिर थीं। भारत अपनी जरूरत का 55% से ज्यादा एलपीजी विदेशों से मंगाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 105-120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से गैस बनाना और मंगाना दोनों महंगा हो गया है। जानकारों का मानना है कि कंपनियां जल्द ही सिलेंडर के दाम बढ़ाकर लागत का बोझ जनता पर डाल सकती हैं।
जानकारी के लिए बता दें कि ऊर्जा संकट की सबसे बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को कचरे का टुकड़ा बताते हुए ठुकरा दिया है। ट्रंप के इस बयान से युद्ध लंबे समय तक खिंचने के आसार हैं। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में तनाव के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है। इससे प्रोपेन और ब्यूटेन (LPG के मुख्य घटक) की कीमतों में वैश्विक स्तर पर उछाल आया है।
