ईरान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि अगर अमेरिका नागरिक ढांचे पर हमला करता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत “युद्ध अपराध” माना जा सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि किसी देश के सर्वोच्च नेता द्वारा खुलेआम ऐसे हमलों की धमकी देना बेहद गंभीर मामला है। उनका कहना है कि पावर प्लांट और पुल जैसे नागरिक ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है।
ग़रीबाबादी ने खास तौर पर रोम संविधि के अनुच्छेद 8(2)(b) का हवाला दिया। इस कानून के अनुसार, युद्ध के दौरान नागरिक ठिकानों पर जानबूझकर हमला करना “वार क्राइम” की श्रेणी में आता है। यह विवाद ऐसे समय में बढ़ा है जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक तेल और गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ रही है कि अगर ऐसे बयान और कार्रवाई
