नेपाल में सोशल मीडिया बैन के बाद देशभर में हालात बेकाबू हो गए हैं. हिंसा और राजनीतिक संकट के बीच वहां की सरकार भी गिर चुकी है. ऐसे में नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से BJP नेता सुनील तायल सहित 10 व्यापारी नेपाल की राजधानी काठमांडू में फंसे हुए हैं.

बताया जा रहा है कि ये सभी लोग 7 सितंबर को भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन के लिए काठमांडू पहुंचे थे लेकिन अगले ही दिन यानी 8 सितंबर को वहां सरकारी बैन और छात्रों के विरोध के चलते हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया. अफरा-तफरी में सभी का सामान बाजार में ही छूट गया और किसी तरह पास के एक होटल में उन्होंने शरण ली. 

इंटरनेट और बिजली ठप होने के कारण संपर्क भी पूरी तरह से टूट गया था. हालांकि, बुधवार (10 सितंबर 2025) की सुबह एक संक्षिप्त कॉल के जरिए परिवार से संपर्क हो सका, जिसमें सभी ने असुरक्षा और डर जाहिर किया.

घबराहट और असुरक्षा की स्थिति की जाहिर

पीड़ित व्यापारियों के परिजनों का कहना है कि हिंसा के बाद काठमांडू में इंटरनेट और विद्युत सप्लाई बाधित हो गई, जिस कारण उनसे संपर्क टूट गया था. हालांकि, बुधवार सुबह उनसे फोन पर संक्षिप्त बातचीत हो सकी, जिसमें उन्होंने घबराहट और असुरक्षा की स्थिति जाहिर की. परिजनों का कहना है कि सभी लोग नेपाल से जल्द भारत लौटना चाहते हैं.

नेपाल में फंसे हैं मुजफ्फरनगर के दस लोग

नेपाल की राजधानी काठमांडू में उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्परनगर के जो लोग फंसे हैं उनमें सुनील तायल (BJP नेता), वरुण धनखड़, आशु बंसल, अजय जैन, सुशील त्यागी, भोपाल सिंह, पवन कुमार, कुलदीप सिंह, सचिन गुप्ता और प्रवीण गुप्ता का नाम शामिल है. इनके परिजनों ने चिंता जाहिर की है.

मंत्री कपिल देव ने विदेश मंत्री को दी डिटेल्स

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि, इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय, जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर और और विदेश मंत्री सुब्रमण्यम जयशंकर को स्थिति से अवगत कराया गया है. साथ ही मांग की गई है कि वह उनकी मदद करें. मुजफ्फरनगर के जो लोग फंसे हैं, उनकी डिटेल मंत्रालय को दे दी गई है.

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